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ईरान-अफगान तनाव: बिगड़ा हींग का जायका, आपूर्ति बाधित होने से अमृतसर की पापड़-वड़ी इंडस्ट्री पर असर

Mon, 23 Mar 2026 10:19 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भारत विश्व के सबसे बड़े हींग उपभोक्ताओं में शामिल है और हर साल लगभग 1200 से 1500 टन हींग का आयात करता है। जिसमें बड़ा हिस्सा ईरान और अफगानिस्तान से आता है।
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अमृतसर के पापड़-वड़ी उद्योग पर असर - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हालात ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाला है। 
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इसका सीधा प्रभाव हींग की सप्लाई पर पड़ा है। जिससे कीमतों में उछाल और बाजार में मिलावट की समस्या बढ़ गई है।

अमृतसर, जो अपने पारंपरिक फूड प्रोडक्ट्स खासकर पापड़ और वड़ियों के लिए जाना जाता है, इस संकट से अछूता नहीं है। हींग, जो इन उत्पादों का प्रमुख घटक है, उसकी आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।

कीमतों में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी

कारोबारी संजय केजरीवाल और ट्रेडर विपुल नेवटिया के अनुसार, हींग की कीमतों में हाल के दिनों में 5 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनका कहना है कि हींग मुख्य रूप से ईरान के फेरूला पौधों की जड़ों से प्राप्त गोंद है, जो भारतीय व्यंजनों, विशेषकर पंजाबी और मारवाड़ी पकवानों में स्वाद और सुगंध के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

पंजाब में 60 टन है सालाना खपत 

भारत में हींग का बाजार 600 से 800 करोड़ रुपये के बीच आंका जाता है। पंजाब में इसकी सालाना खपत करीब 40 से 60 टन है, जहां फूड प्रोसेसिंग और पापड़-वड़ी उद्योग मजबूत स्थिति में है।
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मुनाफे पर पड़ा असर

पापड़-वड़ी निर्माता अवतार सिंह ने बताया कि उद्योग को पहले से ही इस तरह की स्थिति की आशंका थी। उन्होंने कहा कि अमृतसर के उत्पादों की देश-विदेश में भारी मांग है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत से मुनाफे पर असर पड़ रहा है। शहर में दर्जनों छोटे और मध्यम स्तर के निर्माता हींग की नियमित आपूर्ति पर निर्भर हैं।

इस बीच व्यापारियों ने बाजार में मिलावटी हींग के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया है। विपुल नेवटिया के अनुसार, असली ईरानी हींग की कीमत करीब 30,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि नकली हींग, जिसे अक्सर मैदा और कृत्रिम सुगंध मिलाकर तैयार किया जाता है, कुछ सौ रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो हींग की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ता और खाद्य उद्योग दोनों पर पड़ेगा।
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