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Chandigarh: गैंगस्टरों पर नकेल के लिए आएगा PASA Act, चंडीगढ़ प्रशासन ने गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

Fri, 11 Aug 2023 03:33 PM IST
निवेदिता वर्मा बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ प्रशासन के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय ने स्थानीय पुलिस विभाग से जवाब मांगा है कि वह पासा जैसा कानून क्यों अपनाना चाहते हैं और इसी से मिलते-जुलते महाराष्ट्र के मकोका को क्यों नहीं लेना चाहते। चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि पासा अन्य एक्ट के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी और सख्त है।
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चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : फाइल
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विस्तार
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गैंगस्टरों और कुख्यात अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ पुलिस ‘द गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट-1985’ की तर्ज पर चंडीगढ़ प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट लाने की तैयारी में है। इसके लिए यूटी पुलिस विभाग ने चंडीगढ़ प्रशासन के जरिए गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है।

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इस एक्ट के तहत सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए खतरनाक अपराधियों, अवैध शराब बेचने वालों, नशा तस्करों, यातायात कानून तोड़ने और संपत्ति हड़पने वालों की ओर से की जाने वाली असामाजिक और खतरनाक गतिविधियों को रोकने के लिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लेने का प्रावधान है। पंजाब-हरियाणा समेत चंडीगढ़ में गैंगस्टरों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। 

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क्लब संचालकों व व्यापारियों को धमकाकर उनसे रंगदारी वसूली जा रही है। आए दिन क्लबों के बाहर फायरिंग की जा रही है। पुलिस विभाग का मानना है कि फिलहाल संगीन मामलों में जिन धाराओं के तहत गैंगस्टरों समेत अन्य कुख्यात आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किया जा रहे हैं, वह नाकाफी हैं। ऐसे में चंडीगढ़ पुलिस ने संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए पासा जैसा कानून लाने का प्रस्ताव बनाया है।

मजबूत तंत्र भी लाना होगा
एसपी केतन बंसल ने बताया कि प्रशासन के जरिए यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। इसे लाने का मुख्य मकसद गैंगस्टर और अन्य संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई करना है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में यदि कोई व्यक्ति हथियारों के साथ पकड़ा जाता है तो उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाता है और उसे जल्द ही जमानत मिल जाती है लेकिन अगर पासा जैसा कानून लागू होता है तो जमानत मिलने के सख्त प्रावधान होंगे। इससे लोगों की सुरक्षा बनी रहेगी। कहा कि एक मजबूत तंत्र भी लाना पड़ेगा ताकि इस एक्ट का दुरुपयोग न हो।

सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ प्रशासन के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय ने स्थानीय पुलिस विभाग से जवाब मांगा है कि वह पासा जैसा कानून क्यों अपनाना चाहते हैं और इसी से मिलते-जुलते महाराष्ट्र के मकोका को क्यों नहीं लेना चाहते। चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि पासा अन्य एक्ट के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी और सख्त है। चंडीगढ़ में जिस तरह का अपराध है उसे लेकर पासा अनुकूल है क्योंकि चंडीगढ़ दो राज्यों की राजधानी भी है। चंडीगढ़ में पहले मकोका लागू करवाने की भी विचार किया गया था मगर अब पासा लाना चाहते हैं।

बता दें कि पंजाब में पकोका लागू किया जाना है। जानकारी के मुताबिक, एक बार गृह मंत्रालय द्वारा प्रशासन के इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद इसे संसद के समक्ष रखा जाएगा। यदि संसद से यह कानून पास हो जाता है तो चंडीगढ़ पुलिस नोटिफिकेशन जारी कर इसे अपना लेगी। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने भी इसे अपनाया था।
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लॉरेंश बिश्नोई समेत कई गैंगस्टरों के गिरोह सक्रिय
ट्राइसिटी में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह, दविंदर बंबीहा, जैंटा समेत कई गैंगस्टरों के गिरोह सक्रिय हैं। ये गैंग ट्राइसिटी के बड़े व्यापारियों को धमकाकर उनसे रंगदारी वसूलते हैं। रंगदारी नहीं देने पर गिरोह के गुर्गे व्यापारियों के घर और प्रतिष्ठान पर फायरिंग कर डराते-धमकाते हैं। इसके अलावा ट्राइसिटी में कई गैंगवार भी हो चुके हैं, जिनमें कई हत्याएं हुई हैं। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला पुलिस ने हाल ही में गैंगस्टरों के कई गुर्गे गिरफ्तार किए हैं। इनमें लॉरेंस के सहयोगी गैंगस्टर दीपू बनूड़ गैंग के गुर्गे भी शामिल हैं।

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