फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीच सड़क इस पुलिस अफसर ने कर दी ऐसी हरकत, लोगों ने घूंसों और थप्पड़ों से धुना

Wed, 06 Jun 2018 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला
विज्ञापन
सब इंस्पेक्टर की पिटाई
विज्ञापन
बीच सड़क पुलिस अफसर ने ऐसी हरकत कर दी कि लोगों को गुस्सा आ गया और उन्होंने उसे पकड़कर घूंसों और थप्पड़ों से धुन डाला। मामला शिमला का है और पिटने वाला शख्स चंडीगढ़ पुलिस का सब इंस्पेक्टर।  चंडीगढ़ पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रोहतास ने शिमला ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल को थप्पड़ जड़ दिया।
विज्ञापन


कांस्टेबल विक्ट्री टनल के पास जाम खुलवा रहा था। इंस्पेक्टर को गाड़ी हटाने के लिए कहा गया था। सब-इंस्पेक्टर चौक के साथ सड़क पर गलत तरीके से गाड़ी पार्क कर परिवार के सदस्यों को चाय पिला रहा था। कांस्टेबल को थप्पड़ मारने पर सड़क पर खड़े लोगों और वाहनों से उतरकर भीड़ ने मौके पर सब-इंस्पेक्टर को धुन दिया।

इसी बीच उसने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हूं। इस पर भीड़ और उग्र हो गई। आखिर में थप्पड़ खाने वाले कांस्टेबल ने ही इंस्पेक्टर को पीट रही बेकाबू भीड़ को काबू कर शांत किया। सूचना मिलते ही सदर पुलिस मौके पर पहुंची और सब-इंस्पेक्टर को अपने साथ थाने ले गई।
विज्ञापन


उधर, एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि आरोपी सब इंस्पेक्टर के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है। दूसरी ओर आरोपी सब इंस्पेक्टर ने अपनी शिकायत डीआईजी शिमला को दी है।

 
विज्ञापन

कांस्टेबल ने गाड़ी हटाने को कहा था

traffic constable
विक्ट्री टनल के पास दो टेंपो ट्रैवलर सड़क किनारे खड़े थे। कांस्टेबल ने चालकों को वहां से उन्हें हटाने के लिए कहा। इस पर चालकों ने कहा कि दो मिनट यात्रियों का सामन उतार रहे हैं फिर निकाल देंगे। ट्रैवलर के पीछे सड़क पर चंडीगढ़ की जायलो गाड़ी खड़ी थी। कांस्टेबल ने चालक को कहा कि  आप गाड़ी हटा दो, सड़क पर जाम लग गया है। इतना कहने पर चालक सब-इंस्पेक्टर कांस्टेबल पर भड़क गया और कहने लगा कि चाय भी नहीं पी सकते। सब- इंस्पेक्टर गाड़ी से उतरा और कांस्टेबल को थप्पड़ जड़ दिया।

होटल न मिलने की परेशानी में जड़ दिया थप्पड़
सब-इंस्पेक्टर और उसके परिवार के सदस्य कांस्टेबल से कहते रहे कि समझौता कर लो। सब-इंस्पेक्टर कहने लगा कि हमें रात को ठहरने के लिए होटल नहीं मिल रहा था। इससे परेशान था। इसी परेशानी के चलते कांस्टेबल पर मेरा हाथ उठ गया।

टैक्सी स्टैंड चालकों, होटल प्रबंधन और पुलिस की मिलीभगत
इस मामले में एसआई रोहतास का कहना है कि मैं परिवार के साथ शिमला गया था। कार को एकतरफ खड़ी कर परिवार के साथ बैठा था। तभी टैक्सी स्टैंड का एक चालक मेरे पास आया और कहने लगा कि कि प्राइवेट कार को टैक्सी में क्यों चला रहे हो। रोहतास ने उसे बताया कि कार में मेरा परिवार है।

टैक्सी में इस्तेमाल नहीं कर रहा हूं। इस पर उसने पास ही खड़े कांस्टेबल को बुला लिया। इसके बाद कांस्टेबल, होटल प्रबंधन और टैक्सी चालकों ने मिलकर मुझ पर हमला कर दिया। यही नहीं मिलीभगत करके मेरे ऊपर ही केस दर्ज करा दिया। स्थानीय पुलिस ने जब मेरी बात नहीं सुनी तो अपनी शिकायत डीआईजी आसिफ जलाल को दे दी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें