सेक्टर-26 की सब्जी मंडी और ग्रेन मार्केट में वन वे लागू करने के फैसले से ट्रैफिक पुलिस ने अपने हाथ खींच लिए हैं जबकि रविवार से मंडी में नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है।
मंडी को वन वे करने के साथ साथ यहां पर एग्जिट और एंट्री द्वार भी अलग अलग बनाए गए हैं। लेकिन नए प्लान को सुचारु रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया।
मालूम हो कि यह निर्णय एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड और मार्केट कमेटी की ओर से शनिवार को लिया गया था। रविवार को मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने सिक्योरिटी गार्ड्स की मदद से इसे लागू करवाने का प्रयास किया। लेकिन कमेटी के पास नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने और निर्णय को न मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
जिस कारण रविवार को दिनभर सुरक्षाकर्मियों और मंडी में आने वाले लोगों के बीच बहसबाजी होती रही। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जब तक प्रशासन वन वे और मंडी के ट्रैफिक प्लान के संबंध में नोटिफिकेशन जारी नहीं करता तब तक पुलिस की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी।
वन वे लागू होने के बावजूद अभी भी मंडी के भीतर जाम लग रहा है, क्योंकि कई लोग अभी भी सड़क पर वाहन पार्क कर रहे हैं। यहां तक कि आढ़ती और दुकानदार भी अपने वाहन अपनी दुकानों के आगे ही सड़क पर पार्क कर रहे हैं जिस कारण जाम की मुश्किल आ रही है। इसके साथ ही नो पार्किंग में अभी भी लोग वाहन पार्क कर रहे हैं।
मनीष चौधरी, एसएसपी ट्रैफिक ने बताया कि अभी सेक्टर-26 मंडी में कोई वन वे सिस्टम नहीं है। यह तभी शुरू होगा जब प्रशासन इस बारे में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नोटिफिकेशन जारी करेगा।
राजेंद्र कुमार,सचिव, मार्केट कमेटी ने बताया कि पुलिस को भी जानकारी है कि मंडी के अंदर कोई व्यवस्था न होने के कारण जाम लगता है लेकिन इसके बावजूद वह यहां पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं करते। ट्रैफिक पुलिस को कई बार पत्र लिखकर जाम और नो पार्किंग में वाहन पार्क करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कर्मचारी तैनात करने की मांग की गई है। इसलिए मार्केट कमेटी अब खुद ही वन वे लागू करने का निर्णय लेना पड़ा।
सतप्रकाश अग्रवाल, सलाहकार, ग्रेन मार्केट के सलाहकार ने बताया कि मंडी के भीतर जाम की दिक्कत ट्रैफिक पुलिस ही दूर कर सकती है। व्यापारियों से भी अपील की जाएगी कि वह अपने वाहन सड़क पर पार्क न करें।