चंडीगढ़ में सेक्टर-19 स्थित एक जज की कोठी पर तैनात चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही को ड्यूटी के दौरान टोपी न पहनना भारी पड़ गया। जज साहब को सिपाही का टोपी न पहनना नागवार गुजरा और उन्होंने डीएसपी से सिपाही की शिकायत कर दी। डीएसपी की रिपोर्ट पर रविवार को सिक्योरिटी विंग की एसएसपी मनीषा चौधरी ने ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता पर सिपाही को निलंबित कर सेक्टर-29 स्थित सिक्योरिटी लाइन भेज दिया। साथ ही सिपाही को अपना हथियार भी जमा करवाने को कहा गया है।
चंडीगढ़ पुलिस के सिक्योरिटी विंग के सिपाही आलोक कुमार पिछले कई महीनों से सेक्टर-19 स्थित एक जज की कोठी की सुरक्षा में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार, शनिवार को सिपाही आलोक कुमार ड्यूटी पर बिना टोपी के मौजूद थे। उन्हें ऐसे देखकर जज ने डीएसपी सिक्योरिटी को शिकायत कर दी और कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
जज की शिकायत पर मामले की जांच खुद सिक्योरिटी विंग के डीएसपी ने की और पाया कि सिपाही आलोक कुमार ड्यूटी पर पूरी वर्दी में नहीं थे। डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सिक्योरिटी विंग की एसएसपी मनीषा चौधरी ने सिपाही आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
चंडीगढ़ में ऐसा पहला मामला
अक्तूबर 2020 से अब तक पुलिस विभाग के कई कर्मचारी निलंबित हुए हैं। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक शामिल हैं लेकिन विभाग में इस तरह का मामला पहली बार आया है जब किसी मुलाजिम को ड्यूटी के दौरान पूरी वर्दी में न होने पर निलंबित किया गया है।
ज्यादातर पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात
चंडीगढ़ पुलिस विभाग में करीब साढ़े हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जज या फिर वीआईपी लोगों की सुरक्षा में लगी है। इस दौरान मुलाजिमों को पूरा अनुशासन बनाकर रखना होता है। अनुशासन के चलते पुलिसकर्मी अक्सर ड्यूटी के दौरान पूरे यूनिफार्म पर रहते हैं।
ड्यूटी पर पूरी वर्दी जरूरी
जज, नेता समेत अन्य वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी, टोपी, जूता, नेम प्लेट आदि पहनना अनिवार्य होता है। कई बार पुलिसकर्मी इनमें से कुछ चीजों को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन इस मामले में टोपी न पहनने पर सिपाही पर गाज गिर गई।