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पहले ऑटो छीनते, फिर सवारियां बिठा उन्हें लूटते, 4 दबोचे

Wed, 02 Mar 2016 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्राइम ब्रांच ने धारदार हथियार से हमलाकर लूटपाट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गुप्त सूचना पर जगतपुरा से गिरफ्तार किया। चारों आरोपी चंडीगढ़ निवासी हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तीन चार पहिया, 11 दो पहिया, एक ऑटो, आठ मोबाइल, दो एक्टिवा बरामद किए हैं।
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इस गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग थानों में दर्ज 20 केस सुलझाने का दावा किया है। एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि आरोपियों की पहचान गैंग के सरगना सेक्टर-25 निवासी सागर, फैदा निवासी सुरजीत और रामदरबार निवासी सूरज के रूप में हुई है।

खुड्डा लाहौरा निवासी का लूटा था ऑटो
क्राइम ब्रांच डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने 8/9 फरवरी की रात कुल्हाड़ी दिखाकर सेक्टर-48/49 डिवाइडिंग पर एक चालक से ऑटो लूटा था, फिर उसी ऑटो में सवार होकर देर रात तीन अन्य वारदात को अंजाम दिया था। दूसरी वारदात धनास निवासी मकान नंबर-224 में रहने वाले शिवराम से मोबाइल छीन लिया था।
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तीसरी वारदात अटावा चौक पर रवि नामक युवक से मोबाइल और पांच हजार की नगदी छीनी थी। इसके बाद आरोपियों ने ऑटो को छिपा दिया और सेक्टर-17 पहुंचे। इस दौरान खुड्डा लाहौरा निवासी मुकेश का ऑटो हायर किया। ऑटो चालक के खुड्डा लाहौरा पार करते ही आरोपियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया।

इसके बाद चालक को कुल्हाड़ी दिखाकर डराया भी था। इसके बाद आरोपी उसे रास्ते में फेंककर ऑटो लेकर फरार हो गए थे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने आरोपियों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।

नशे की पूर्ति के लिए देते थे वारदात को अंजाम
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने सेक्टर-48 के सामने रेल लाईन के नीचे गोदाम बनाया था। यहां पर चौड़ा रास्ता बना बीच में जमीन खोद रखी थी। यहीं आरोपियों ने बिस्तर भी लगा रखे थे। आरोपी कई दिन तक यहीं ठहरते थे। जांच में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी नशे के आदी हैं और नशे की पूर्ति के लिए वारदात को अंजाम देते रहे हैं।

कई मामले दर्ज हैं
लुटेरे गैंग का मुख्य सरगना सागर (20) है। उस पर 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 12 साल की उम्र से ही अपराध की दुनिया में आ गया था। लेकिन, नाबालिग होने के कारण की वजह से छूट जाता था। वहीं, सूरज (24) पर चोरी और स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं। जबकि, सुरजीत नशे की लत में अपराध की दुनिया में आ गया। इसके अलावा सुरजीत (20) पर भी कई मामले दर्ज हैं। संदीप और सुरजीत 2014 से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

सलाहकार की बैठक के बाद बनी टीम
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि सलाहकार विजय कुमार देव ने बैठक बुलाई थी। इसके बाद डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह और इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम बनाई थी। क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम को आरोपियों की गुप्त सूचना मिली।

देर रात जगतपुरा में टीम ने छापामारी की, लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़े। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन तक एक ही स्थान पर डेरा जमाए रखा और रविवार रात गुप्त सूचना मिलने पर चारों आरोपी को गिरफ्तारकर लिया।
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