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चंडीगढ़ में VVIP दौरे से पुलिस और लोग परेशान

Wed, 02 Mar 2016 09:47 AM IST
पवन तिवारी/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ की पुलिस और लोग हर दिन होने वाले वीवीआईपी दौरे से परेशान हो चुके हैं। मामले को लेकर एक रिपोट तैयार की गई। इसमें खुलासा हुआ कि यूटी पुलिस अधिकारियों को हर रोज लगभग तीन वीवीआईपी के आने जाने वाले रास्तों और समारोहों की सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती करनी पड़ती है।
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पुलिस का कहना है कि दो राज्यों की राजधानी होने से दो प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों और अन्य विशिष्ट लोगों को सुरक्षा के लिए ज्यादा ड्यूटियां लगती हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि 800 पुलिसकर्मी जजों और अन्य शहर के वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा में उनके घरों के बाहर तैनात रहते हैं।

वहीं दूसरी तरफ इन्ही वीवीआईपी के मूवमेंट की वजह से लोगों को जाम झेलने पड़ते हैं। दबी जुबान में पुलिस भी मानती है कि वीवीआईपी ड्यूटियों में पुलिस का ज्यादा वक्त और एनर्जी लगती है। वहीं, पुलिस कहती है कि दो राज्यों की विधानसभा शहर में हैं। दोनों राज्यों के मंत्रियों के घर शहर में हैं तो वीवीआईपी मूवमेंट भी ज्यादा रहती है।
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लेकिन पुलिस दावा करती है कि इन सबके बावजूद यूटी पुलिस आम लोगों को देश के अन्य राज्यों की पुलिस के मुकाबले बेहतर सेवा दे रही है। साल 2015 में शहर में राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक 1016 वीवीआईपी लोगों की आवाजाही हुई। जिसके चलते वीवीआईपी रूट्स पर सुरक्षाकर्मी और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई।

इन वीवीआईपी मूवमेंट्स में शहर में पांच बार देश के राष्ट्रपति की मूवमेंट रही, दो-दो बार प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति की, पंजाब के मुख्यमंत्री की 375 बार, पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल की 226, हरियाणा के मुख्यमंत्री की 231 के साथ ही साथ विदेशी मेहमानों की आवाजाही 23 बार हुई।

वीवीआईपी रूट्स लगने से आम लोगों को ही होती हैं दिक्कतें
लोगों की शिकायत है कि अक्सर वीवीआईपी रूट्स लगने की वजह से जाम और परेशानी आम जनता को ही झेलनी पड़ती है। क्योंकि सुरक्षा कारणों से पुलिस वीवीआईपी काफिले गुजरने से दस मिनट पहले ही आम पब्लिक की मूवमेंट बंद कर देती है। लोगों को जाम में फंसना पड़ता है।

लोगों का कहना है कि वीवीआईपी मूवमेंट अगर छुट्टी वाले दिन हो तो उनकी दिक्कतें कम हो सकती हंै या फिर वो ऐसे समय पर कार्यक्रम को ऐसे समय पर तय करें जब सड़कों पर लोगों की कम आवाजाही होती हो। अभी इसी साल फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आगमन के समय भी शाम के वक्त लोगों को काफी जाम में फंसना पड़ा था। उनका कहना है कि कई बार अफसर वीवीआईपी ड्यूटियों में व्यस्त होने की बात कह कर कई काम टाल देते है।
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वीवीआईपी मूवमेंट व समारोह संख्या
स्वतंत्रता दिवस का आयोजन 1
गणतंत्र दिवस का आयोजन1
राष्ट्रपति की आवाजाही5
उप राष्ट्रपति की आवाजाही2
प्रधानमंत्री की आवाजाही2
पूर्व प्रधानमंत्री1
विदेशी मेहमानों की आवाजाही23
हरियाणा-पंजाब राज्यपाल226
पंजाब के मुख्यमंत्री375
हरियाणा के मुख्यमंत्री231
केंद्रीय मंत्रियों की आवाजाही149
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