मोहाली में पेड पार्किंग का मुद्दा गरमा रहा है। इस पर नगर निगम का रुख देखते हुए लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पेड पार्किंग रखी जाए या नही रखी जाए, इसके लिए नगर निगम ने पांच पार्षदों की कमेटी गठित की है।
इस कमेटी ने मंगलवार को दो मार्केटों का दौरा करके दुकानदारों और ग्राहकों के सुझाव लिए। इस दौरान कमेटी के सदस्यों को ग्राहकों और दुकानदारों की नाराजगी झेलनी पड़ी। लोगों ने मांग रखी कि पेड पार्किंग को तुरंत खत्म किया जाए। यह पहला मौका है कि जब निगम ने आम लोगों की राय सुनी है। जल्द ही टीम अन्य मार्केटों का दौरा करेगी।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को पार्षदों की स्पेशल टीम की अगुवाई कमेटी के चेयरमैन अमरीक सिंह सोमल कर रहे थे। जबकि कमेटी मेंबर पार्षद परमजीत सिंह काहलो, प्रकाशवती, तरनजीत कौर गिल के साथ ही पार्षद अरुण शर्मा व अशोक झा भी मौजूद रहे। इस दौरान पेड पार्किंग को लेकर लोगों की राय जानी गई।
टीम ने जिन लोगों से राय ली है। उनके नाम व फोन नंबर का रिकॉर्ड भी बनाया। परमजीत सिंह काहलों ने बताया कि 90 प्रतिशत के करीब दुकानदार व ग्राहक पेड पार्किंग के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इससे किसी को भी सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं हो रहा है।
गमाडा सीए से होगी जल्द ही मीटिंग
गमाडा के पूर्व एक्सईएन व सांसद के तकनीकी सलाहकार ने बताया कि नीड बेस्ड पॉलिसी को अंतिम रूप देने के लिए जब मीटिंग हुई थी। उसमंे वह भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पॉलिसी बनाते समय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके 1992 का एक फैसले की कॉपी भी मिली है। उसको लेकर भी वह जल्द सीए से मिलेंगे।
प्रॉपर्टी टैक्स ने पहले ही कमर तोड़ रखी है
फेज-3बी2 के दुकानदारों ने कहा कि निगम ने पहले दुकानदारों पर प्रॉपर्टी टैक्स व किराए पर टैक्स का बोझ डाल रखा है। मार्केट में शॉप कम फ्लैट ज्यादा हैं। लोगों ने करोड़ों रुपये में शोरूम खरीदे है। ऐसे में उन्हें पार्किंग मुहैया करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। दुकानदारों ने बताया कि वह पहले से ही कई तरह के टैक्सों का भुगतान कर रहे हैं। वहीं, निगम यूनिपोल से भी मोटी कमाई कर रहा है। वहीं, दुकानदारों ने मांग की है कि पेड पार्किंग को खत्म किया जाए।
बार-बार पर्ची के चक्कर में बाहर खड़ी करते हैं गाड़ियां
शापिंग करने आए लोग भी पेड पार्किंग के विरोध में थे। उनका कहना था कि पर्ची के चक्कर में उन्हें मजबूरी में गाड़ियां मार्केट की बैक साइड वाली सड़क पर खड़ी करनी पड़तीं हैं। ऐसे में पेड पार्किंग को खत्म किया जाना चाहिए। इसके अलावा झगड़े भी होते हैं।
तीन महीने फ्री में चलाएं पार्किंग
कमेटी के चेयरमैन सोमल ने लोगों से सुझाव भी मांगे। लोगों का कहना था कि पेड पार्किंग मामले में निगम लोगों व दुकानदारों में अपना विश्वास खो चुका है। यदि पेड पार्किंग लगानी है तो तीन महीने तक निगम अपनी जेब से पैसे देकर टोकन सिस्टम करके दिखाए। फिर सब कमेटी बनाकर लोगों से सुझाव लिए जाएं। यदि सिस्टम सही रहता है तो फिर इसे आगे जारी किया जाए।