युवाओं में तेजी से बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए विश्व में पहली बार चंडीगढ़ पीजीआई ने स्पेशल मॉड्यूल तैयार किया है। पीजीआई के विशेषज्ञों ने इसे फर्स्ट स्टेज योग मॉड्यूल नाम दिया है।
इसकी खास बात यह है कि यह महज 5 मिनट में किसी भी कारण से हुए तनाव को नियंत्रित करेगा। इस मॉड्यूल की डिमांड देश के अलग-अलग कोनों से होने लगी है। उम्मीद है कि पीजीआई जल्द एमओयू साइन कर अन्य प्रदेशों के युवाओं का भी तनाव मुक्त करने में अहम भूमिका निभाएगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शुक्रवार को पीजीआई में इस मॉड्यूल को लांच किया गया।
पीजीआई योग केंद्र के प्रभारी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि जनवरी 2024 में संस्थान की तरफ से राष्ट्रीय सम्मेलन में इस मॉड्यूल की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमें पंजाब के आईएएस अधिकारी बाला मुरुगन के साथ पीजीआई के डॉ. हेमंत और डॉ. कृष्ण कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई थी। उन्होंने मिलकर यह माड्यूल तैयार किया है, जिसमें लगभग 20 तरह की मानसिक स्थितियों के प्राथमिक उपचार के लिए मेडिटेशन आधारित प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं।
साक्ष्य आधारित विश्लेषण से तैयार किया मॉड्यूल
डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि मॉड्यूल को तैयार करने में साक्ष्य आधारित विश्लेषण की मदद ली गई है। इसमें योग पर विश्व भर में हुए विभिन्न शोध प्रकाशनों के परिणाम का संदर्भ शामिल किया गया है। इस मॉड्यूल के आधार पर आने वाले परिणाम को विभिन्न शोध कार्यों में शामिल कर इसे और विस्तृत करने पर काम होगा लेकिन हमारे लिए यह मॉड्यूल तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि इस कार्य की शुरुआत के लिए यह मॉड्यूल नींव का पत्थर बनेगा।
कस्टमाइज प्रोटोकॉल होगा सहायक
डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि उच्च शिक्षा से जुड़े युवाओं को कई तरह का तनाव होता है जिसमें एंजायटी, स्ट्रेस, रिजेक्शन, सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी जैसी मनोस्थिति उन्हें काफी परेशान करती है। ऐसे में उन युवाओं के लिए कस्टमाइज मेडिटेशन प्रोटोकॉल तैयार किया गया है, जिसमें उनकी समस्या को लक्ष्य में रखते हुए पांच मिनट के थ्योरी और प्रैक्टिकल आधारित योग मॉड्यूल का प्रयोग कर उन्हें प्राथमिक चरण में ही समस्या से मुक्ति प्रदान की जाएगी। यह विश्व स्तर पर तैयार किया गया अपने तरह का पहला मॉड्यूल है।