छोटे बच्चों में भी दिल के रोगों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों मे दिल के रोग जन्मजात भी हो सकते हैं और बाद में भी हो सकते हैं। इसे देखते हुए पीजीआई में पीडियाट्रिक कार्डियक आईसीयू बनाने का रास्ता साफ हो गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी हो गईं हैं। बस अब जगह चुनना है। इसकी पिछले कई सालों से मांग की जा रही थी। ये दस बेड का होगा, जिसमें दिल की बीमारी से पीड़ित नवजात और छोटे बच्चों को दाखिल किया जाएगा।
पीजीआई का एडवांस कार्डियक सेंटर उत्तर भारत का जाना-माना सेंटर है। यहां पर हर साल 1500 से ज्यादा सर्जरी होती हैं। इनमें से 40 प्रतिशत केस छोटे बच्चों के हैं, जिनमें 250 से ज्यादा केस एक साल से छोटे बच्चों के होते हैं। एडवांस कार्डियक सेंटर में दिल की बीमारी से पीड़ित एक दिन के बच्चे से लेकर 12 साल तक की उम्र के बच्चे होते हैं। इनमें गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चे शामिल हैं। कार्डियक आईसीयू बनने से छोटे बच्चों की देखभाल और सुरक्षित तरीके से हो सकेगी।
एडवांस कार्डियक सेंटर में पीडियाट्रिक कार्डियक क्रिटिकल केयर को लेकर दो दिवसीय सीएमई का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय सीएमआई में बोस्टन चिल्ड्रेन हास्पिटल का स्टाफ भी हिस्सा लेगा। इसके अलावा कई जाने-माने पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन भी हिस्सा लेंगे।