चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट चुनावों की घोषणा न करने को लेकर बड़े प्रदर्शन के बाद पीयू बचाओ मोर्चा की चार बड़ी मांगें मान ली गई हैं। पीयू बचाओ मोर्चा के साथ वीसी की मीटिंग हुई, जिसमें विद्यार्थियों की मांगों को मान लिया गया है। हालांकि जब तक यूनिवर्सिटी लिखित में नहीं देती, तब तक इनका धरना जारी रहेगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि उन्हें आशा है कि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मोर्चा ने भारी समर्थन के लिए जनता का धन्यवाद किया और माना कि इतने बड़े स्तर पर पहली बार आयोजित हुए इस मोर्चे में कई व्यवस्थागत कमियां रहीं। आयोजकों ने उन संगठनों के नेताओं से माफी भी मांगी जिन्हें मंच पर पर्याप्त स्थान नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि भविष्य में आयोजन को और बेहतर तरीके से किया जाएगा।
बैठक में पंजाब पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने और विश्वविद्यालय में तैनात करने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। मोर्चा ने पंजाब सरकार से इस पर जवाब और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठनों में सोपू, स्टूडेंट्स फ्रंट, एसएफएस, पीएसयू ललकार, एनएसयूआई, एंटी एफिडेविट फ्रंट, सत्थ, पंजाबनामा, आइसा, एसडब्ल्यूएपी, एसैप, सोई, यूएसओ, पीएफयूएस, आईएसओ और एएसएफ शामिल रहे।