ट्राइसिटी में अपराधी अब प्रशासन के ‘चक्रव्यूह’ से बचकर नहीं निकल पाएंगे। यूटी प्रशासन पंचकूला और मोहाली के साथ मिलकर एक एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। इस संदर्भ में हरियाणा ने मंजूरी दे दी है, जबकि पंजाब की ओर से अभी हां होना बाकी है। प्रशासक के मुताबिक जल्द ही पंजाब अपनी सहमति दे देगा।
चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली का संयुक्त प्लान बनने केबाद शातिर से शातिर अपराधी इस चक्रव्यूह से नहीं निकल पाएगा। एडवाइजर मनोज परिदा की मानें तो संयुक्त एक्शन प्लान लागू होते ही शातिर ट्राइसिटी में अपराध करना भूल जाएंगे। एडवाइजर का कहना है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्राइसिटी में अपराधों व संगठित अपराधों पर चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब की ओर से साझा अभियान चलाने की मंजूरी दे दी है।
पंजाब से मंजूरी का इंतजार है। इस संदर्भ में पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ को लेकर जल्द ही पुलिस व प्रशासनिक कमेटी बनाई जा सकती है। इसके बाद अपराधियों का यहां से भागना आसान नहीं होगा।
प्रशासक की पहल पर तैयार हो रहा प्लान
एडवाइजर ने बताया कि पंजाब के गवर्नर व यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की पहल पर संयुक्त कमेटी बनाने और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह प्लान तैयार किया जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर में लॉ एंड आर्डर की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की थी। खासतौर से ऐसे मामलों में जिसमें अपराधी चंडीगढ़ में वारदात कर मोहाली और पंचकूला भाग जाते हैं।