मास्टर प्लान में वर्ष 2031 तक के चंडीगढ़ का जो खाका तैयार हो रहा है, उसमें इसे दिल्ली के बाद नॉर्थ रीजन का बड़ा एजुकेशन हब बनाने की योजना है।
पंजाब यूनिवर्सिटी तो टाइम्स हायर एजुकेशन मैग्जीन के सर्वे में देश की टॉप रैंकिंग यूनिवर्सिटी पहले ही आंकी जा चुकी है। शहर के सबसे पुराने जीसी-11 और जीसीजी-11 को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव भी यूजीसी के पास भेजा जा चुका है।
यूनिवर्सिटी का विस्तार
पंजाब यूनिवर्सिटी को विस्तार के लिए सेक्टर-50 में और जगह दी जा रही है। यहां पीयू का रिसर्च सेंटर और हॉस्टल बनेंगे। मास्टर प्लान में नए कालेजों के लिए भी जगह है।
सेक्टर-50 में गवर्नमेंट कामर्स कालेज अगले साल तक तैयार हो जाएगा। मनीमाजरा में भी नया कालेज बनाया जाएगा। युवाओं को रोजगार के लिए कम्यूनिटी कालेज सिस्टम को शुरू करने की प्लानिंग है।
प्राइमरी स्तर पर आने वाले कुछ सालों में शहर में 20 नए सरकारी स्कूल तैयार होंगे। सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट एजुकेशन होगी।
चौराहों पर जाम से निजात दिलाएंगे अंडरपास
प्रशासन की सेक्टर-17 में दो और सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट के पास दो नई मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना है। इस समय सेक्टर-17 में एक नई मल्टीलेवल पार्किग का निर्माण चल रहा है। इसके साथ ही शहर में दो दर्जन नई कम्युनिटी पार्किंग स्थल बनाएं जाएंगे।
छह मंजिला फ्लैट बनेंगे
चंडीगढ़ के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अब दक्षिणी सेक्टरों में छह मंजिला फ्लैट बनेंगे। इसके साथ साथ शहर के सेक्टरों में बची खाली जगह में मकानों की जगह मल्टी स्टोरी फ्लैट्स नजर आएंगे।
टूरिज्म हब बनेगा शहर
यूटी का पर्यटन विभाग चंडीगढ़ को टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में जुटा है। अगले दस साल में शहर में रोज गार्डन और रॉक गार्डन की तरह ही अपनी खास कहानी कहते कई और बगीचे चंडीगढ़ में होंगे। इन थीम बेस्ड गार्डन्स को बनाने का प्रस्ताव पांच साल पहले तैयार हुआ था अब केंद्र से ग्रांट मिलने पर काम में तेजी आई है।
सेक्टर-49 में वैली ऑफ एनिमल्स तैयार हो रहा है। यहां डायनोसॉर और अन्य जानवरों की बड़ी आकृतियां रूप ले चुकी हैं। सेक्टर-42 के पाम का गार्डन पर काम अगले सप्ताह शुरू होने जा रहा है। सेक्टर-31 में जापानी गार्डन निर्माणाधीन है जो अगले साल तक तैयार हो जाएगा।
इसमें एक भूमिगत सुरंग भी बनाई जा रही है। सेक्टर-52 में गार्डन ऑफ कॉनिफर्स बन रहा है। सेक्टर-53 में गार्डन ऑफ स्प्रिंग बनाया जा रहा है। इसके अलावा पर्यटन भवन भी बनाया जा रहा है, जहां पर्यटकों को हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
दस साल में ज्यादा स्पीडी और ब्यूटीफुल होगा सिटी
पंजाब और हरियाणा जाने वाला ट्रैफिक चंडीगढ़ में प्रवेश न करे इसके लिए रिंग रोड बनाए जाने का प्रस्ताव है। दिल्ली की तर्ज पर आने वाले सालों में चंडीगढ़ में भी रिंग रोड बनेगा। रिंग रोड के साथ साथ बाईपास बनाने का भी प्रस्ताव है।
शहर में ट्रैफिक के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन दो बाइपास बनाने की तैयारी कर रहा है। इनमें इस्टर्न बाइपास रेलवे स्टेशन के पास से और वेस्टर्न मुल्लांपुर जंक्शन के पास से बनेगा। भविष्य के चंडीगढ़ का खाका तैयार हो रहा है।
इसे लेकर यूटी प्रशासन भले ही अभी मशक्त कर रहा है मगर शहर की जरूरतें और तैयारी की दिशा भविष्य की तस्वीर से रू-ब-रू करा रही है। अगले दस साल में हमें चंडीगढ़ में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ये बदलाव क्या होंगे?
ये बदलाव होने वाले हैं भविष्य में
अमर उजाला की टीम ने इस रिपोर्ट के माध्यम से इन पर प्रकाश डाला है। समय के साथ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की लुक में बड़े बदलाव आने वाले हैं। इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार है।
यात्रियों को कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। एक एस्केलेटर तो लग चुका है दूसरे का काम चल रहा है। स्टेशन के बाहर दो नैरोगेज इंजन और एक स्टीम इंजन भी खड़ा किया जाएगा।
प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग ने अभी सेक्टर-17 बस स्टैड, सेक्टर-9 की प्रैस लाइट प्वाइंटं, पिकाडिल चौक, ट्रासपोर्ट और रेलवे लाइट प्वाइंट चौक पर अंडरपास का निर्माण करने का प्रस्ताव बनाया है। प्रशासक शिवराज पाटिल ने नगर निगम को अंडरपास का निर्माण करने का काम सौंपा है।