प्रशासक ने पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. जगतराम के साथ भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने अपने कई मुद्दे प्रशासक के समक्ष रखे। पीजीआई डायरेक्टर ने बताया कि पीजीआई ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जिस पर प्रशासक ने ओपीडी की भीड़ कम करने के लिए उन्हें अतिरिक्त भूमि देने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्होंने पीजीआई के बाहर लंगर लगने के चलते गंदगी होने का भी मुद्दा उठाया है। इस पर प्रशासक ने कहा कि अधिकारी लंगर को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए काम करेंगे।
वाइल्डलाइफ सेंचुरी पर पंजाब के रुख का यूटी ने किया विरोध
यूटी प्रशासन ने पंजाब सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने सुखना लेक की बाउंड्री से ईको सेंसटिव जोन की दूरी सिर्फ 100 मीटर करने की सिफारिश की है। वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास ईको सेंसटिव जोन जरूरी है। बता दें कि 2017 में चंडीगढ़ प्रशासन ने वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास यूटी बाउंड्री के अंदर आने वाले क्षेत्र को ईको सेंसटिव जोन घोषित किया था।
चंडीगढ़ की रेंज में इस ईको सेंसटिव जोन की दूरी 2 से 2.75 किलोमीटर के करीब है, जबकि पंजाब के अंदर आते एरिया को अभी तक ईको सेंसटिव जोन घोषित नहीं किया गया है। यही कारण है कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसमें उन्होंने सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी से 100 मीटर दूरी करने की सिफारिश की है।