यूटी सचिवालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन।
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पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव करवाने की मांग पर सोमवार को पीयू से लेकर सचिवालय तक प्रदर्शन हुए। पीयू में जहां कई पूर्व सीनेटरों व पंजाब के कुछ शिक्षकों ने मोर्चा संभाला, वहीं सचिवालय के प्रदर्शन में छात्र संगठन शामिल हुए। प्रदर्शन का असर यह हुआ कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द से जल्द सीनेट चुनाव करवाए जाएंगे। पीयू चुनाव की तिथि तय कर यूटी प्रशासन को भेजेगा। वहां से उस पर अनुमति मिलेगी। सिंडिकेट की बैठक भी जल्द करवाने का आश्वासन दिया गया।
सीनेट चुनाव की तिथि पहले घोषित की गई थी लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया। उसके बाद सीनेट का कार्यकाल खत्म हो गया। लोगों को लगा कि अब सीनेट खत्म हो जाएगी और इसकी जगह बोर्ड ऑफ गवर्नेंस लेगी। इस कार्य पर भाजपा के नेता तेजी से काम कर रहे हैं। सीनेट खत्म होते देख सोमवार को कई पूर्व सीनेटरों ने पीयू वीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में पुटा के अध्यक्ष व सचिव भी शामिल हुए। पंजाब के कुछ शिक्षक भी आए। दो घंटे से अधिक समय तक नारेबाजी हुई। सभी लोग मांग पर अड़े थे कि वीसी प्रो. राजकुमार यहां आएं और उनकी बात सुनें। आखिर में पीयू वीसी को आना पड़ा। वीसी ने उन्हें कहा कि आप सभी लोग पढ़े-लिखे हैं। शब्दों का चयन सही किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन करने की क्या जरूरत थी। पीयू खुद ही चुनाव की ओर कदम बढ़ा रहा है।
सीनेटरों ने मांग रखी कि सीनेट चुनाव करवाया जाए। साथ ही प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की जाए। पूर्व सीनेटरों के साथ अलग से बैठक की गई। बताया गया कि वीसी ने सीनेट चुनाव करवाने के लिए आश्वासन दिया है। इसके लिए जल्द ही तारीख तय होगी और यूटी प्रशासन को अनुमति के लिए भेजी जाएगी। साथ ही सिंडिकेट की बैठक भी जल्द से जल्द करवाने का आश्वासन दिया गया। उसके बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हो गया।
सचिवालय के बाहर छात्र संगठनों ने दिखाई ताकत
उधर, यूटी सचिवालय के बाहर एनएसयूआई सोशल मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज लुबाना के नेतृत्व में कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। वहां पर नारेबाजी की। काफी देर तक प्रदर्शन किया। इनकी मांग थी कि सीनेट चुनाव को अनुमति दी जाए। साथ ही चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार से मुलाकात करवाई जाए।
आखिर में कुछ छात्र नेता चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार के पास गए और उन्होंने मांग पत्र दिया। मनोज लुबाना ने बताया कि उन्हें यह बताया गया कि पीयू सीनेट चुनाव की अनुमति के लिए उनके पास कोई पत्र नहीं आया है। जैसे ही पीयू चुनाव कार्यक्रम तय करेगा हम उस कार्यक्रम को मंजूरी दे देंगे। उसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।