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स्मार्ट सिटी रैंकिंग में चंडीगढ़ की लंबी छलांग, 83 से पहुंचा 33वें स्थान पर, जानिए कैसे

Sun, 06 Sep 2020 01:58 PM IST
ajay kumar नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़।
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स्मार्ट सिटी रैंकिंग में चंडीगढ़ ने लंबी छलांग लगाई है। छह माह पहले चंडीगढ़ 83वें स्थान पर था लेकिन तेजी से प्रोजेक्ट के टेंडर होने से ताजी रैंकिंग में चंडीगढ़ 33वें स्थान पर आ गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का प्रोजेक्ट जुड़ने के बाद रैंकिंग में और सुधार आएगा।

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स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय की ओर से साल में एक बार बैठक होती थी, जिसमें मंत्रालय की ओर से सभी स्मार्ट सिटी को प्रोजेक्ट के आधार पर रैंकिंग दी जाती थी। लेकिन अब यह बैठक हर माह आयोजित की जाने लगी है। हाल ही में जारी की गई रैंकिंग में चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी को 42.76 अंकों के साथ 33वां स्थान मिला है जबकि 2019 में शहर 83वें नंबर पर था। 

स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा का कहना है कि पहले हम लोगों ने प्रोजेक्ट को रिव्यू किया था। अब जैसे ही टेंडर हो रहे हैं, रैंकिंग में सुधार हो रहा है। हाल में 5 एसटीपी का टेंडर हुआ है, वहीं मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का टेंडर होने के बाद रैंकिंग में बेहतर सुधार आएगा और चंडीगढ़ टॉप 20 में होगा। 
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रिव्यू मीटिंग में करेंगे रिवाइज बजट की अपील 
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग ने सेक्टर-43 में 70 एकड़ जमीन मुहैया कराने से मना कर दिया था। इससे स्मार्ट सिटी के 4933 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स अटक गए।  स्मार्ट सिटी के तहत 6500 करोड़ रुपये के निर्माण प्रोजेक्टों का प्रस्ताव तैयार हुआ था। वन विभाग के मना करने के बाद सिर्फ 1567 करोड़ के निर्माण कार्य ही शेष हैं। 

स्मार्ट सिटी के सीईओ का कहना है कि सेक्टर-43 में जहां पर निर्माण कराए जाने थे वह जमीन ट्रांसफर नहीं हो रही है। इस भूमि पर शहर के लिए प्रस्तावित निर्माण प्रोजेक्ट में एग्जीबिशन सेंटर, कन्वेंशन सेंटर, आर्ट गैलरी, इंटरटेनमेंट सेंटर, होटल, ऑफिस स्पेस, हॉस्टल फैसिलिटीज, आइकॉनिक एरिया, अफोर्डेबल हाउसेज बनाए जाने थे इसलिए अब मंत्रालय से रिवाइज बजट देने के लिए कहा जाएगा। क्यों कि अभी भी चंडीगढ़ को 6500 करोड़ के प्रोजेक्ट के हिसाब से ही रैंकिंग मिलती है। 

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बड़े प्रोजेक्ट का टेंडर होने से मिली सफलता 
स्मार्ट सिटी के तहत डंपिग ग्राउंड, स्मार्ट स्कूल, इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर, पब्लिक बाइक शेयरिंग जैसे बड़े प्रोजेक्ट का टेंडर होने के बाद रैंकिंग में सुधार हुआ। अब तक लगभग 1350 करोड़ रुपये के टेंडर हो चुके हैं। जल्द अन्य कार्यों पर भी मुहर लगेगी।   

मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का टेंडर होने के बाद हमें उम्मीद है कि चंडीगढ़ टॉप 5 में होगा। अभी भी टेंडर करने का काम तेज हो गया है।  - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी

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