फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलविदा 2016: आते ही मेयर दिया, जाते-जाते झोली भर गया, फिर भी अधूरापन

Mon, 26 Dec 2016 04:14 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
चंडीगढ़ नगर निगम बीजेपी टीम
विज्ञापन
साल 2016 शुरू होते ही मेयर मिल गया और खत्म होते-होते भी झोली भर गई, फिर भी अधूरापन रहा। कई प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए।
विज्ञापन


साल 2016 नगर निगम और शहर की राजनीति के लिए काफी अहम रहा जहां 14 साल बाद भाजपा ने नगर निगम में अपना मेयर बनवाया। वहीं साल के अंत में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 22 मे से 20 सीटें जीतकर कांग्रेस को करारी हार दी। जबकि पूरा साल प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन के नाम रहा ।

इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव काफी ज्यादा रहा। शहर का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन हुआ लेकिन यह हर माह तीन लाख रुपये का घाटे का सौदा बना हुआ है।
विज्ञापन

चंडीगढ़ में क्या क्या हुआ इस साल

सांसद खेर और टंडन का कद बढ़ा
शहर की प्यास बुझाने के लिए उठा कदम
कजौली वाटर वर्क्स के 5वें और छठे फेज के लिए पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो चुका है। इससे शहर को 29 एमजीडी पानी नए साल के अंत तक मिलना शुरू हो जाएगा। इन दो नए फेज से पानी मिलने से शहर की पेयजल की किल्लत भी दूर हो जाएगी। काफी लंबे समय से हरियाणा और पंजाब के विवाद के कारण यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ रहा था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू हो चुका है।

इस समय कजौली वाटर वर्क्स से शहर को 58 एमजीडी पानी मिल रहा है। इन दो नए फेज से पंचकूला और मोहाली को भी पानी मिलेगा। जबकि इन दो नए फेज से पानी आने के बाद ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू हो पाएगी। मोबाइल वाटर एटीएम की सुविधा भी शहर में इस साल शुरू हुई है।

मैकेनिकल स्वीपिंग सिस्टम लांच
मेयर अरुण सूद के प्रयास से नगर निगम ने इस साल दक्षिणी सेक्टरों में मैकेनिकल स्वीपिंग सिस्टम भी शुरू किया है। इस नए सिस्टम के तहत दक्षिणी सेक्टरों की सफाई व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। इसके तहत सफाई से पहले और बाद का सारा रिकार्ड डिजिटल है।

जबकि नगर निगम की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत एप्प भी लांच किया है। इसके तहत लोग खुद ही अपने आसपास की गंदगी की तस्वीर खींचकर नगर निगम को भेज सकते हैं। औद्योगिक क्षेत्र में बॉयोमिथेन गैस प्लांट की भी शुरुआत की गई है।

खुले में शौच से मुक्त बना सिटी

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ को खुले में शौच से मुक्त सिटी घोषित किया गया है। इसके तहत खुले में शौच करते अगर कोई मिला तो उसे नगर निगम को 500 रुपये का जुर्माना भरना होगा।  शहर में कई जगह नए पब्लिक टायलेट बनाए गए हैं।

ग्रीन बेल्ट़्स में बंद पड़े पब्लिक टायलेट्स चलाए गए जबकि सेलवेल को दिए पब्लिक टायलेट से विज्ञापन शुल्क न चार्ज करने का मामला भी पूरा साल गरमाया रहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत शहर वासियों को भी जोड़ा गया है।

स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत सर्वे पूरा
इस साल स्ट्रीट वेंडर के तहत शहर में सर्वे भी पूरा हुआ है जिसके तहत 20 हजार से ज्यादा वेंडर आए हैं, जिन्हेें नए साल में लाइसेंस दिए जाएंगे। ऐसे में अब फड़ी वालों के लिए स्ट्रीट वेडिंग जोन तय होंगे। वहां पर बैठकर वेंडर अपना कारोबार करेंगे।

शहर में इस समय यह एक्ट लागू है जिस कारण नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता किसी फड़ी वाले का चालान भी नहीं काट पा रहा है। ऐसे में कई बाजारों में इस समय पैदल चलने वालों की दिक्कत भी बढ़ गई है।

ओपन एयर जिम का कांसेप्ट हुआ शुरू

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
शहर के पार्कों में ओपन एयर जिम का कांसेप्ट शुरू हुआ। सेक्टर-17 के शांति कुंज में बने पहले ओपन एयर जिम को लोग काफी पंसद कर रहे हैं । ऐसे में शहर में अब आधा दर्जन से ज्यादा ओपन एयर जिम का निर्माण करने के प्रस्ताव भी पास हो चुका है जो कि नए साल के पहले तीन माह में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की निकासी के लिए ग्रीन पेवर ब्लाक लगाने का भी पायलट प्रोजेक्ट सेक्टर-27 से शुरू हुआ है।

उद्घाटनों को लेकर हुआ विवाद
इस साल मेयर और कांग्रेस पार्षदों के पास पूरा साल विवाद चलता रहा। पहली बार हुआ जब मेयर ने जबरदस्ती विपक्षी पार्षदों के वार्ड के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उसको लेकर जमकर राजनीति हुई। ओपन एयर जिम, सेक्टर-18,19 के नए बने सामुदायिक केंद्र के अलावा कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन मेयर ने वार्ड के कांग्रेस पार्षदों की बिना सहमति के खुद ही कर दिया।

इसके साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने के लिए साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पेड पार्किंग को बंद कर दिया गया जिस कारण काफी विवाद हुआ। मेयर को कांग्रेस के अलावा अपने पार्टी पार्षदों और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन का भी विरोध सहना पड़ा।

लाइनों से मिला छुटकारा

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
इस साल लोगों को अपने नवजन्मे बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब लाइनों में धक्के खाने की जरूरत नहीं है। अब नगर निगम ने हर तरह के प्रमाणपत्र लेने की आनलाइन सुविधा शुरू की गई है। इसकी प्रति भी लोग अपने घर पर ही डाउनलोड करके निकाल लेते हैं। शहर के सरकारी अस्पतालों के डिस्चार्ज के समय ही जन्म प्रमाणपत्र की प्रति मिल जाती है।

इसके साथ ही नगर निगम ने शिकायत निवारण केंद्र का भी गठन किया है जिसके तहत हर तरह की समस्याएं एक ही जगह पर दर्ज होती हैं। 155304 पर भी फोन करके शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। नगर निगम ने अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करने के लिए सिटीजन चार्टर भी लागू किया है।

रोड गलियों की सफाई अब पूरा साल
पहले रोड गलियों की सफाई सिर्फ मानसून से पहले दो माह ही होती थी, जिस कारण शहर में बारिश में जलभराव की स्थिति बनी रहती थी। लेकिन इस साल नवंबर माह से इस तरह की मशीन की व्यवस्था की गई है जो कि पूरा साल रोड गलियों की अंदर तक सफाई करेगी।

नगर निगम का दावा है कि इससे तेज बारिश में भी शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति नहीं बनेगी। मालूम हो कि जलभराव होने पर शहर में जाम भी लग जाता है। जबकि शहर को सेक्टर-31 में नया जेपनीज गार्डन भी मिला है। इसके साथ ही 91 किमी सड़कों की कारपेटिंग की गई है।

सपने जो नहीं हो पाए पूरे

मेयर अरुण सूद
डपिंग ग्राउंड गारबेज मुक्त नहीं हो पाया
नगर निगम चाहता था कि डड्डूमाजरा का डपिंग ग्राउंड गारबेज मुक्त बन जाए ताकि शहर को दुर्गंध से निजात मिल जाए। इसके लिए नगर निगम ने वर्तमान में चल रहे जेपी प्लांट के साथ एमओयू भी खारिज करके नई कंपनी को देने का प्रयास किया लेकिन एनजीटी में मामला होने के कारण सफलता नहीं मिल पाई। अब एनजीटी ने नगर निगम को जेपी प्लांट को टिपिंग फीस भी अदा करने के आदेश दिए हुए हैं।

इस समय डपिंग ग्राउंड में 25 से 30 प्रतिशत कूड़ा ऐसा जा रहा है जो कि प्रोसेस नहीं हो सकता।  प्लांट के मामले में नगर निगम के सदन मे कई बार हंगामा हुआ, लेकिन हर चर्चा बेनतीजा रही। चंडीगढ़ ने पंजाब से भी नए डपिंग ग्राउंड के लिए जगह मांगी थी जिसे खारिज कर दिया गया।

पेड पार्किंग ऑटोमेटिक नहीं हो पाई
 नगर निगम चाहता था कि शहर की सभी पेड पार्किंग ऑटोमेटिक हो जाएं ताकि लोगों को ओवरचार्जिंग और अन्य वायलेशन से मुक्ति मिल सके। लेकिन नगर निगम इसके लिए अभी तक टेंडर प्रक्रिया में ही फंसा हुआ है। जिस कारण शहर की 16 पेड पार्किंग खाली पड़ी हैं।

नगर निगम पेड पार्किंग में ओवरचार्जिंग पर प्रशासन ने विजिलेंस जांच तक कराई। लेकिन इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया, जबकि किसी भी ठेकेदार को जांच में दोषी नहीं बताया गया। इस कारण ओवरचार्जिंग शहर में जारी है।
विज्ञापन

ये कहना है मेयर व अन्य लोगों का

सेक्टर 17 के व्यापारियों के साथ मीटिंग करते हुए मेयर अरुण सूद - फोटो : अमर उजाला
भरपूर काम किया, रिजल्ट भी मिला
मेयर अरुण सूद का कहना है कि इस साल भरपूर काम हुए है। ऐेसे ऐसे काम हुए है जिन्हें कांग्रेस अपने 13 साल के कार्यकाल में भी नहीं करवा पाई है जिसे शहर के मतदाताओं ने समझा है। इसका परिणाम ही यह रहा कि भाजपा ने 22 में से 20 सीट पर जीत दर्ज की है।

उनका कहना है कि कई बड़े प्रोजेक्ट जो पाइप लाइन में हैं उसे भी नए मेयर पूरा करवाएंगे। वह एक साल में हुए कामों से पूरी तरह से संतुष्ट है। 10 माह के कार्यकाल में उन्होंने 24 में से 18 घंटे काम किया है।

पेड पार्किंग व्यवस्था में नहीं हो पाया सुधार: पुरी
फासवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी का कहना है कि नगर निगम ने कई काम किए हैं, लेकिन शहर की पेड पार्किंग की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है। नगर निगम के हर काम में शहर की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने पूरा सहयोग दिया है। जब जब नगर निगम ने सुझाव मांगे है बढ़ चढ़ कर दिए गए हैं। मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने के लिए भी शहरवासी नगर निगम को हर सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें