भाजपा में टिकट वितरण से नाराज हरमोहन धवन ने संजय टंडन के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है। धवन का कहना है कि अगर पार्टी के उम्मीदवार नगर निगम चुनाव हारते हैं तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन जिम्मेवार होंगे।
उनका आरोप है कि टिकट वितरण में अपनी मनमर्जी करके मुझे नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है। धवन का कहना है कि अब उम्मीदवार जिताने की जिम्मेवारी उन नेताओं की है, जिन्होंने नाम तय किए हैं।
मालूम हो कि दिल्ली में हुई बैठक में हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक में नगर निगम चुनाव प्रभारी सरोज पांडे, सांसद किरण खेर, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के अलावा चुनाव कमेटी के सदस्य शामिल हुए थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि उम्मीदवार तय करने में उनकी कोई राय नहीं ली गई। ऐसे लोगों को टिकट दी गई है जिनका कोई जमीनी आधार नहीं है। अधिकतर उनको टिकट दी गई है जो सिर्फ टंडन के आगे पीछे ही घूमते थे, जबकि फील्ड में उन्हें कोई जानता नहीं है।
टंडन अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं
हरमोहन धवन
- फोटो : amar ujala
धवन ने बताया कि मंगलवार को चुनाव समिति की बैठक में पूर्व सांसद सत्यपाल जैन पहले ही चुनाव प्रभारी को अवगत करवा गए थे कि वह इलाहाबाद जा रहे हैं इसके बावजूद बैठक रखी गई। उन्हें भी शहर से बाहर जाना था ऐसे में चुनाव प्रभारी से फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष दवेंद्र सिंह औलख को अपना प्रतिनिधि बनाकर दिल्ली भेजा। लेकिन टंडन के सदस्यों ने औलख को बैठक में शामिल नहीं होने दिया।
उनका कहना है कि ऐसा करके सिर्फ उन्हें और उनके करीबियों को अपमानित किया जा रहा है। धवन का कहना है कि वीरवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए टंडन ने फोन किया था। लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने टंडन को कह दिया था कि अब उम्मीदवारों को चयनकर्ता ही जितवाएंगे।
उनका कहना है कि जब कोई अपने आप को पार्टी से ऊपर मान लेता है तो उसका नुकसान होता है और टंडन ने भी ऐसा किया है। टिकट दिलवाकर टंडन ने अपने करीबियों को तो खुश कर लिया लेकिन पार्टी का नुकसान कर दिया।
धवन को मनाने का होगा प्रयास
हरमोहन धवन का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
उधर पार्टी हरमोहन धवन को मनाने का प्रयास कर रही है। स्थानीय भाजपा इकाई ने हालात से हाईकमान को अवगत करवा दिया है। पार्टी के सीनियर नेता और चुनाव प्रभारी सरोज पांडे धवन से बात करेंगी।
मालूम हो साल 2011 में भी नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण से धवन नाराज हो गए थे अपनी गुट के नेताओं की अनदेखी होने पर उन्होंने अपनी पत्नी को ही वार्ड नंबर-1 से मैदान से उतारने से इंकार कर दिया था।
लेकिन बाद में पार्टी ने उन्हें मना लिया था। वहीं भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि उम्मीदवारों का निर्णय किसी एक का नहीं बल्कि सर्वसम्मति से चुनाव समिति की बैठक में लिया गया है।
4 सीटों पर प्रचार कर सकते हैं धवन
टंडन के खिलाफ मोर्चा खोलने के बावजूद धवन चार सीटों पर प्रचार कर सकते हैं। वह सवित्री शुक्ला, राजेश गुप्ता, अनिल दुबे और कंवर राणा के पक्ष में प्रचार करने के लिए जा सकते है। इन चारों नेताओं के साथ धवन के संबंध अच्छे हैं।