प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पात्र व जरूरतमंद वेंडर को कर्ज देने के उद्देश्य से सात लोगों की कमेटी गठित की है। होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता कमेटी के चेयरपर्सन हैं। वहीं, फाइनांस सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर जेके पांडे, स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया चंडीगढ़ के जनरल मैनेजर राहुल प्रियदर्शिनी, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के कन्वीनर अनिल यादव, नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के नोडल ऑफिसर अनिल कुमार गर्ग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा नगर निगम कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के डायरेक्टर केके यादव को कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। कमेटी की स्वीकृति के बाद ही किसी वेंडर को कर्ज मिलेगा।
पारदर्शिता के लिए कर्ज के फॉर्म भरे जाएंगे ऑनलाइन
एडिशनल कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के नोडल ऑफिसर अनिल कुमार गर्ग ने बताया कि योजना के तहत लोन देने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसके लिए फॉर्म ऑनलाइन ही भरे जाएंगे। चूंकि कई वेंडर अभी ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं, इसलिए योजना के लिए अलग से पोर्टल तैयार किया गया है। वेंडर संपर्क केंद्र से फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा एरिया लेवल फेडरेशन व कमेटियों के माध्यम से फॉर्म भरवाए जा सकेंगे ताकि वेंडरों को कोई समस्या न हो।
प्रधानमंत्री की ओर से पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना लागू की गई है। इसके तहत वेंडरों को कर्ज दिया जाना है। पोर्टल बनकर तैयार है। एक जुलाई को प्रशासक योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है। - केके यादव, निगम कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के डायरेक्टर