मुख्य सचिव के पद पर आईएएस विनी महाजन की नियुक्ति को लेकर विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आपत्ति जताई है। खैरा ने इस मामले में वरिष्ठ अफसरों को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। खैरा ने कहा कि मुख्यमंत्री सरकारी कामकाज के नियम-शर्तों को नजरअंदाज कर असंवैधानिक नियुक्तियां कर रहे हैं।
खैरा ने कहा कि विनी महाजन को मुख्य सचिव नियुक्त करने के लिए पांच सीनियर अधिकारियों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले महाजन के पति दिनकर गुप्ता को भी पांच सीनियर आईपीएस अधिकारियों को दरकिनार कर डीजीपी बनाया गया था। खैरा ने कहा कि सूबे के उच्च पदों पर पक्षपाती तरीके से की गई ऐसी नियुक्तियां न सिर्फ सिविल और पुलिस प्रशासन के मन में रोष पैदा कर रही हैं बल्कि योग्य अधिकारियों का मनोबल भी तोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि पहले दिनकर गुप्ता की डीजीपी के पद पर नियुक्ति को कैट ने रद्द कर दिया था और मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है। खैरा ने कहा कि गुप्ता की नियुक्ति बचाने के लिए सरकारी खजाने से पैसा बहाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विनी महाजन की मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति भी सीनियर अधिकारियों की तरफ से मुकदमेबाजी का एक और मौका सरकार को देगी।