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चंडीगढ़ के अधिकारियों की लापरवाही: कचरा उठाने पर गंभीर नहीं चंडीगढ़ निगम, एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

Mon, 18 Apr 2022 12:23 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

स्वच्छ भारत अभियान में 66वें स्थान पर आने के बाद प्रशासन से लेकर नगर निगम और सभी विभाग रैंकिंग सुधारने के लिए जुट गए। प्रशासक के सलाहकार सभी विभागों के प्रभारियों की एक बैठक लेते हैं जिससे तालमेल की कमी के कारण कोई समस्या न आए, लेकिन यह प्रयास केवल कागजों पर ही रह गए।
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चंडीगढ़ सेक्टर 34 के ग्राउंड में पड़ा कचरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ शहर के लोग तो स्वच्छ अभियान में शहर को बेहतर पायदान पर लाना चाहते हैं, लेकिन अधिकारियों की मंशा दिख नहीं रही है। इसका ताजा उदाहरण है कि नगर निगम की एप पर दो जगह मलबा गिराने की शिकायत की गई। दोनों जगह निगम की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि यह भूमि हमारे अंतर्गत नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल स्वच्छ भारत अभियान के मुद्दे पर सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक साथ बैठक करते हैं, तब यह हाल है। 

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निगम की ओर से स्वच्छ एप पर शिकायत करने के दौरान लोगों को अपनी पहचान छिपाने का भी विकल्प दिया गया है। इसी के अंतर्गत एक जिम्मेदार नागरिक ने एप पर सेक्टर-36 में मलबा इकट्ठा होने की शिकायत डाली। निगम की ओर से एप पर लिखा गया कि यह निजी भूमि है, हम यहां से मलबा नहीं उठा सकते हैं। इसके बाद सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड के पास पड़े मलबे की फोटो एप पर डाली, लेकिन उसमें बताया कि यह प्रशासन की भूमि है और इसे उन्हीं को साफ करना है। लोगों का कहना कि अधिकारियों को शहर की रैंकिंग से कुछ लेना देना नहीं है और वह एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर काम से पल्ला झाड़ लेते हैं।    

रैंकिंग में पिछड़ने के बाद खुद प्रशासक के सलाहकार लेते हैं बैठक 

स्वच्छ भारत अभियान में 66वें स्थान पर आने के बाद प्रशासन से लेकर नगर निगम और सभी विभाग रैंकिंग सुधारने के लिए जुट गए। प्रशासक के सलाहकार सभी विभागों के प्रभारियों की एक बैठक लेते हैं जिससे तालमेल की कमी के कारण कोई समस्या न आए, लेकिन यह प्रयास केवल कागजों पर ही रह गए। यही कारण है कि जब लोग इस अभियान में सहयोग देकर सफाई की बात करते हैं तो अधिकारी एक दूसरे की भूमि का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।  

निगम ने प्रशासन की 87 भूमि चिह्नित कर भेजी सूची

निगम ने 87 जगहों की एक सूची बनाकर प्रशासन को भेजी थी। यह जगह प्रशासन की थी और यहां कचरा व मलबा पड़ा था, कहीं काफी जंगल बन गया था इसके बावजूद प्रशासन ने सफाई नहीं करवाई। आयुक्त आनिंदिता मित्रा अभी भी क्षेत्र में दौरे पर जाती हैं तो अधिकारियों को निर्देश देकर प्रशासन से सफाई करवाने की बात करने के लिए कहती हैं। 

पत्तों के निस्तारण का प्रबंधन नहीं, कर्मचारी लगा रहे आग

नगर निगम के पास पहले से ही पत्तों के निस्तारण की समस्या है इसलिए उन्हें डंपिंग ग्राउंड पर डाला जा रहा है। अब कर्मचारियों ने हर साल की तरह पत्तों में आग लगाना शुरू कर दिया है। पंजाब यूनिवर्सिटी की दीवार के साथ दो दिन से लगातार पत्तों में आग लगाई जा रही है। लोगों का कहना है कि कर्मचारी उठाकर ले जाने के चक्कर में सुबह सुबह पत्तों में आग लगा देते हैं।

हमने प्रशासन को 87 भूमि चिह्नित कर दी थी, जिस पर कचरा पड़ा था। एस्टेट विभाग की भूमि के लिए डीसी से जल्द अनुबंध हो जाएगा। उनकी भूमि के सफाई के लिए हमें भुगतान होगा और हम सफाई करेंगे। इस समस्या के समाधान के लिए एक बार बैठक में चर्चा कर लेंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम

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