अप्रैल माह से शुरू हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए लोगों ने जनवरी से ही बुकिंग करा दी थी। फरवरी में शहर के ज्यादातर सामुदायिक केंद्र बुक हो गए थे, लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण प्रशासन ने फिर से सख्ती बढ़ा दी है। 16 से 31 मार्च तक 14 लोगों ने सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग रद्द करा दी है। लगातार केस बढ़े और प्रशासन ने सख्ती की तो यह संख्या और बढ़ सकती है।
सामुदायिक केंद्रों का किराया न बढ़ाने के लिए सदन में होगी चर्चा
नगर निगम सामुदायिक केंद्रों के किराए में हर साल 10 प्रतिशत किराया बढ़ाता है। इस बार कोरोना महामारी के कारण इस किराए को न बढ़ाने के लिए सदन में चर्चा होगी। मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि निगम लोगों को ज्यादा से ज्यादा रियायत देना चाहता है।
निगम के पास इस समय ए, बी व सी श्रेणी के सामुदायिक केंद्र हैं। निगम 13 हजार रुपये एसी सामुदायिक केंद्रों के और 6 हजार रुपये बिना एसी वाले सामुदायिक केंद्रों का किराया लेता है। निगम के पास पांच एसी सामुदायिक केंद्र हैं। वहीं कुछ सामुदायिक केंद्रों का निर्माण चल रहा है और कुछ का मरम्मत का कार्य चल रहा है।
हमारा प्रयास है कि लोगों पर किसी भी प्रकार का बोझ न पड़े। कोरोना महामारी के कारण लोग वैसे ही परेशान हैं। सामुदायिक केंद्रों का किराया बढ़ाना ठीक फैसला नहीं होगा। इस पर सदन की बैठक में चर्चा करेंगे। -रविकांत शर्मा, मेयर
सदन की बैठक के अनुसार लोगों को उनकी जमा कराई गई पूंजी वापस कर दी गई है। सदन के कहने पर जीएसटी भी लोगों को दे दी गई है। जीएसटी का पैसा वापस करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा। -केके यादव, निगम आयुक्त