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चंडीगढ़ में पहली बार मिला मुआवजा: कुत्तों के काटने पर नगर निगम ने दी मुआवजा राशि, मृत्यु पर जारी किए पांच लाख

Thu, 26 Sep 2024 10:39 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार कुत्ते के काटने पर पीड़ित को मुआवजा मिला है। यह मुआवजा राशि चंडीगढ़ नगर निगम की तरफ से दी गई है। वहीं, जंगली जानवर की वजह से हुई मौत मामले में पांच लाख रुपये मुआवजा राशि भी दी गई है।
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dog bite, dog attack - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आवारा कुत्तों और जंगली जानवरों के काटने या उनकी वजह से होने वाले हादसों पर चंडीगढ़ में मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहली बार लावारिस जानवर की वजह से हुई मृत्यु के मामले में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये और कुत्ते के तीन बार काटने पर पीड़ित को 30 हजार रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ है। आने वाले दिनों में अन्य कई पीड़ितों को भी मुआवजा जारी किया जाएगा।

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर गाय, बैल, गधे, कुत्ते, नीलगाय, भैंस व अन्य जंगली जानवरों के काटने पर मुआवजा देने के लिए डीसी विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। कमेटी में नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक कमेटी तीन बार बैठक कर चुकी है। कई आवेदन भी आए हुए हैं। आवेदनों की समीक्षा कर अब उन्हें मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

डीसी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि दो मामलों में मुआवजा जारी किया गया है। एक व्यक्ति की मौत जंगली जानवर की वजह से हादसे में हुई थी। इस केस में हाईकोर्ट की ओर से तय की गई राशि के अनुसार ही पांच लाख रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। दूसरे केस में एक ही व्यक्ति को तीन बार कुत्ते ने काटा था। प्रति दांत के अनुसार कुल 30 हजार रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार कुत्ते के काटने पर प्रत्येक दांत के निशान के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे मामलों में जहां त्वचा से 0.2 सेमी तक मांस बाहर निकल जाता है, प्रति घटना 10,000 रुपये दिए जाएंगे।
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समस्या पर ध्यान न दिया तो निगम का काफी बजट मुआवजा देने में जाएगा
डीसी विनय प्रताप सिंह ने वीरवार को हुई सदन की बैठक में भी इस पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लावारिस कुत्तों का मामला काफी गंभीर है। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। हर महीने 100 के करीब आवेदन आएंगे। ऐसे में अगर कुत्तों की समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो नगर निगम का काफी बजट मुआवजा देने में चला जाएगा। बता दें कि नगर निगम ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने बजट में 20 लाख रुपये का प्रावधान किया है, जो कुत्तों के काटने या जंगली जानवरों से हुए हादसों में मुआवजा देने के लिए जारी किया जा रहा है।

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