देश में इंडिया गठबंधन का पहला लिटमस टेस्ट आज चंडीगढ़ में होगा। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा को हराने के लिए देश में पहली बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक साथ आए हैं।
इस चुनाव पर पूरे देश के बड़े नेताओं की नजर टिकी है। भाजपा हर हाल में यह चुनाव जीतना चाहती है तो गठबंधन की कोशिश है कि इस चुनाव में हासिल हुई जीत को पूरे देश में प्रोजेक्ट किया जाए।
केजरीवाल जीत को लेकर आश्वस्त
इंडिया गठबंधन चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर काफी गंभीर है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन की पहली जीत की खुशी मंगलवार को चंडीगढ़ से आएगी। गठबंधन मेयर चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर गठबंधन यह चुनाव जीत जाता है तो इंडिया गठबंधन को एक बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि हाल ही में नीतीश कुमार ने खुद को गठबंधन से अलग कर लिया और भाजपा का समर्थन लेकर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। ऐसे चंडीगढ़ की जीत इंडिया गठबंधन के जख्म पर मरहम का काम कर सकती है। हालांकि, भाजपा किसी भी कीमत पर ऐसा होने नहीं देना चाहती। चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
आप ने राष्ट्रीय स्तर का चुनाव बनाया
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का यह गठबंधन भले ही स्थानीय स्तर पर है और सिर्फ चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव तक के लिए है लेकिन दोनों पार्टियां इसे राष्ट्रीय स्तर पर देख रही हैं। आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव को राष्ट्रीय स्तर का चुनाव बना दिया है, जबकि यह चुनाव सीधे चुनाव नहीं है।
सिर्फ 35 पार्षदों ने वोट डालना है लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से इस चुनाव को इंडिया गठबंधन के पहले चुनाव की तरह देखा जा रहा है।
चुनाव में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के कई नेता सक्रिय
इस चुनाव में सिर्फ चंडीगढ़ के ही नहीं, बल्कि पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के कई नेता सक्रिय हैं। भाजपा की बैठकें पंचकूला तो कांग्रेस और आप की बैठकें पंजाब सीएम आवास और पंजाब के विभिन्न जिलों में हुई हैं। 18 जनवरी को पहले मेयर चुनाव होना था लेकिन पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह के बीमार होने की वजह से चुनाव टल गया था। इसके बाद नगर निगम कार्यालय के बाहर हंगामा हुआ तो मौके पर खुद राघव चड्ढा पहुंच गए थे।
पंजाब के कुछ विधायक व अन्य नेता भी पहुंचे। राघव चड्ढा ने कहा था कि चुनाव में होने जा रही हार की वजह से भारतीय जनता पार्टी डर गई और चुनाव ही रद्द करवा दिया है। इसके बाद भी जब 24 जनवरी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 जनवरी को मेयर चुनाव कराने के आदेश जारी किया तो राघव चड्ढा ने कहा था कि उम्मीद है कि इस बार पीठासीन अधिकारी बीमार नहीं होंगे और चुनाव संपन्न होंगे। हालांकि, गठबंधन के नेताओं को चुनाव में धांधली का भी शक है।