भाजपा की बागी चंद्रावती शुक्ला को मनाते भाजपाई।
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चंडीगढ़ में आठ जनवरी को मेयर पद का चुनाव होना है। सोमवार को जैसे ही भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित किए, पार्टी में बगावत हो गई। हालांकि भाजपा में बगावत की भनक को प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम भी नहीं भांप पाए।
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के प्रत्याशियों का नामांकन कराने के बाद जब दुष्यंत गौतम दावा कर रहे थे कि हम डरते नहीं हैं, इसलिए अंतिम समय में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करते हैं, ठीक उसी समय चीफ इंजीनियर के कमरे में भाजपा से बगावत कर पार्षद चंद्रावती शुक्ला ने आजाद उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भर दिया। इस दौरान प्रदेश प्रभारी ने यह भी दावा किया कि फैसला सभी ने मिलकर लिया है।
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मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए पिछले एक माह से भाजपा में बैठकों का दौर चल रहा था। प्रदेश प्रभारी ने पदाधिकारियों से तीनों पदों के उम्मीदवारों के लिए छह-छह नाम भी मांगे थे ताकि कुछ समान नाम आने पर निर्णय लेने में आसानी हो सके।
रविवार को भी प्रदेश प्रभारी के के चंडीगढ़ आने के बाद भी पार्षद अलग-अलग मिलने पहुंचे, लेकिन भाजपा के आलाअधिकारी दोपहर तीन बजे तक नाम तय नहीं कर सके। इसका असर यह हुआ कि नाम तय होते ही बगावत शुरू हो गई, जिसकी प्रदेश प्रभारी को भनक तक नहीं लग सकी।
बातचीत से निकाल लेंगे हर समस्या का हल
किसी भी उम्मीदवार का नाम पार्टी सामूहिक रूप से तय करती है। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि किसी को कोई समस्या है तो बातचीत से उसका हल निकाल लिया जाएगा। भाजपा के पक्ष में पूरे 21 मत आएंगे।
-दुष्यंत गौतम, प्रदेश प्रभारी, भाजपा