अब शहरवासी मेयर आशा जसवाल से निगम कार्यालय में बेरोकटोक नहीं मिल पाएंगे। पब्लिक मीटिंग के लिए मेयर ने दोपहर को एक घंटे का समय 12 बजे से 1 बजे तक तय कर दिया है। मेयर ने लोगों के साथ साथ अपने पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी यह पाबंदी लगाई है। अब पार्टी के किसी कार्यकर्ता और नेता को भी मिलना है तो वह भी इसी एक घंटे के दौरान ही मिल सकेंगे। मालूम हो कि इससे पहले कभी भी मेयर से मिलने का समय तय नहीं हुआ है।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि उनके कार्यकाल को तीन माह से ज्यादा का समय हो गया है। सारा दिन ही लोगों को मिलने में ही निकल जाता है। ऐसे में पालिसी के मुद्दों पर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें नहीं हो पा रही हैं ताकि समस्याएं स्थायी तौर पर दूर हो सके। इसलिए अब दोपहर 12 से एक बजे का समय पब्लिक मीटिंग का रखा गया है।
अभी तक जो भी मेयर कार्यालय के बाहर सेवादार को मिलने के लिए पर्ची देता था, उन्हें मेयर की अनुमति के बाद उनसे मिला दिया जाता था। जबकि पार्षद और अधिकारी सीधे कमरे में एंट्री कर जाते थे। मेयर के पास सुबह से लेकर शाम तक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, कार्यकर्ता, समाजसेवी और सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के पदाधिकारी शिकायत और सुझाव लेकर आते रहते हैं।
बेटे और रिश्तेदारों पर भी लागू होगा नियम
मेयर आशा जसवाल ने अपने पीए को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 12 से एक बजे के बीच ही सभी को बुलाया जाए। अगर कोई रिश्तेदार या परिवार का सदस्य भी आते हैं तो उन्हें भी इसी एक घंटे के बीच बुलाया जाए। अगर उन्हें कोई आवश्यक काम है तो उन्हें सीनियर डिप्टी मेयर के कमरे में बिठा दिया जाए। मेयर ने यहां तक कहां कि अगर उनका बेटा भी 12 से एक बजे के बीच आता है तो ही मिलाया जाए। मालूम हो कि मेयर के बेटे वकील ब्रजेश्वर जसवाल भाजपा जिला अध्यक्ष के पद पर तैनात हैं।