फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIP कल्चर खत्म करने के लिए एक नया कदम, कैप्टन ने किया ये नया फैसला

Sat, 22 Apr 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
विज्ञापन
 वीआईपी कल्चर खत्म करने की दिशा में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक और कदम उठाया है। पहले उन्होंने मंत्रियों की लाल बत्ती न लगाने की पहल की और अब अपने सहित सूबे के विभिन्न नेताओं और सरकार के कई आला अफसरों की सुरक्षा में तैनात लगभग 2000 कर्मचारी कम कर दिए हैं। सीएम की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में यह  फैसला लिया गया।
विज्ञापन


बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार, डीजीपी सुरेश अरोड़ा और एडीजीपी (इंटेलीजेंस) दिनकर गुप्ता भी शामिल थे। बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि  मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अब तक 1392 जवान व अधिकारी तैनात थे, जो अब घटकर 1016 रह गए हैं। यानी कि यह कटौती 27 फीसदी है। इसके अतिरिक्त संवैधानिक और सरकारी अधिकारियों की श्रेणियों में भी 1500 सुरक्षा कर्मचारी वापस बुलाए गए हैं। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पहले ही अपने सफर करने वाले रूटों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती बंद करने के आदेश जारी किए थे। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा संबंधी जायजा लेने के लिए अगली बैठक के बाद कुछ और सुरक्षा कर्मचारियों को कम किया जा सकता है। इसका फैसला, खतरे की आशंकाओं संबंधी ताजा रिपोर्टों के आधार पर होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह जरूरत से अधिक किसी प्रकार की अतिरिक्त सुरक्षा नहीं लेना चाहते।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सुरक्षा नीति संबंधी जायजा लेने के भी निर्देश

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
शुक्रवार को बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अन्य एजेंसियों को मौजूदा सुरक्षा नीति संबंधी जायजा लेने के भी निर्देश दिए जो कि पंजाब मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई है। वर्ष 2013 में गृह मामले एवं न्याय विभाग द्वारा यह अधिसूचित की गई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एजेंसियों से जायजा पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है

मुख्यमंत्री ने किसी भी व्यक्ति के लिए खतरे की आशंका संबंधी ताजा स्थिति के मद्देनज़र सुरक्षा मुहैया करवाने की जरूरत पर बल दिया। मौजूदा सुरक्षा नीति 3 वर्ष पुरानी होने के कारण मुख्यमंत्री ने पुलिस को हिदायत दी कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट को आधार बनाकर ही सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया जाए।

कैप्टन के नेतृत्व में यह दूसरी सुरक्षा समीक्षा बैठक
कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने सत्ता में आने के बाद सुरक्षा का जायजा लेने के लिए शुक्त्रस्वार को दूसरी बैठक की। बीते मार्च में डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) पंजाब के नेतृत्व वाली कमेटी की हुई बैठक के दौरान सुरक्षा का जायजा लिया गया, जिसमें विभिन्न श्रेणीयों तहत सुरक्षा हासिल कर रहे व्यक्तियों से 749 पुलिस कर्मचारी एवं अर्धसैनिक बल वापिस बुला लिये गये थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें