मास्टर प्लान-2031 के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिर से यूटी प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।
मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने प्रशासन से पूछा कि वह बताएं कि इसे फाइनल टच देने में और कितना समय लगेगा।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश जारी किए कि वह टाइम बाउंड के तहत मास्टर प्लान पर अपना काम पूरा करे। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 मई के लिए निर्धारित की है।
मामले की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि मास्टर प्लान पर सभी आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है।
इन आपत्तियों और सुझाव को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2031 में कई बदलाव भी किए हैं। 116 लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज करवाई थी।
चंडीगढ़ प्रशासन के सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल ने हाईकोर्ट को बताया कि इसकी रिपोर्ट प्रशासक शिवराज पाटिल को भेज दी है। इसके बाद इसे केंद्र सरकार की रीजनल कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और इस पर काम शुरू हो जाएगा।
हाईकोर्ट ने बताया कि इस मामले में साढ़े तीन साल से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन अभी तक प्लान किसी अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच पा रहा है। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को टाइम बाउंड के तहत सब रीजनल प्लान पर गंभीरता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।