वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) कलेक्शन में चंडीगढ़ ने एक और रिकॉर्ड बनाया है। 10 माह में अभी तक एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने 1213 करोड़ का रिकार्ड कलेक्शन किया है। 2019 के मुकाबले 2020 में विभाग ने जीएसटी कलेक्शन में 12.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने 2019-20 वित्तीय वर्ष में 1500 करोड़ का टारगेट रखा हुआ है। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों की ओर से बनाई गई कार्य योजना के अनुसार कार्य किया जा रहा है। विभाग की ओर से जीएसटी कलेक्शन को लेकर पंजीकृत व्यापारियों के साथ अधिकारी रू-ब-रू हो रहे हैं और उन्हें टैक्स को लेकर जागरूक कर रहे हैं।
टैक्स भरने के दौरान व्यापारियों को आने वाली समस्याओं को भी विभागीय अधिकारी दूर कर रहे हैं। निष्क्रिय रहने वाली पंजीकृत फर्मों के एकाउंट को रद्द किया जा रहा है। जो फर्में एक साल से अधिक समय से जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं कर रही हैं, उन्हें बोगस डीलर्स की श्रेणी में डालकर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस कारण हर माह जीएसटी कलेक्शन में विभाग बढ़ोतरी कर रहा है। 10 माह में किए गए जीएसटी कलेक्शन में विभाग ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2019 के मुकाबले 12.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ही 1213 करोड़ का कलेक्शन किया गया है। पिछले साल यह कलेक्शन 1081 करोड़ ही था।
जनवरी 2020 में भी रिकॉर्ड कलेक्शन
जीएसटी कलेक्शन में अभी तक रिकॉर्ड कलेक्शन हुआ है। 2019 के जनवरी माह में 120.72 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया गया था, जो इस बार बढ़कर 2020 के जनवरी माह में 143.97 करोड़ पहुंच गया है। विभागीय अधिकारी इसको बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
फरवरी और मार्च में 300 करोड़ की दरकार
वस्तु एवं सेवाकर विभाग को 2020 के फरवरी और मार्च के महीने में 300 करोड़ रुपये की दरकार है। यदि इन दोनों माह में 150-150 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया जाता है तो वित्तीय वर्ष 2019-20 में जीएसटी कलेक्शन का 1500 करोड़ रुपये का टारगेट पूरा कर लिया जाएगा। वर्ष 2019 में यह कलेक्शन 1200 करोड़ रुपये था।