चंडीगढ़ में अब बिजली के हर यूनिट, कार, बाइक और शराब खरीदने पर गो सेस देना होगा। पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी गो सेस लगाने के प्रस्ताव को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद एक अप्रैल से बिजली, शराब की बोतल और नए वाहन खरीदना महंगा हो जाएगा।
यूटी प्रशासन ने बिजली की हर यूनिट पर दो पैसे गो सेस लगाने का फैसला लिया है। नया चार पहिया वाहन खरीदने पर 500, दोपहिया वाहन खरीदने पर 200 रुपये का गो सेस लगाने का निर्णय लिया है, जबकि देसी शराब, व्हिस्की और बीयर की हर बोतल 5 रुपये गो सेस लगाया गया है। प्रशासन की तरफ से लगाए गए सेस संबंधित विभाग वसूलेंगे और फिर उसे नगर निगम को भेजा जाएगा। कुल छह चीजों पर गो सेस लगाया गया है, इनसे तीन विभाग संबंध रखते हैं।
आरएलए, बिलजी विभाग और एक्साइज एंड टैक्सटेशन विभाग गो सेस वसूलेंगे और फिर नगर निगम को भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक गो सेस से नगर निगम को हर साल 15 करोड़ से अधिक की कमाई होगी। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव का दावा है कि गो सेस लगने के बाद सड़क पर खुले में घूम रही गायों से शहरवासियों को मुक्ति दिला दी जाएगी।
29 जून 2018 को नगर निगम ने पास किया था प्रस्ताव
गो सेस को नगर निगम सदन की बैठक में 29 जून 2018 को पास किया गया था। उस वक्त नगर निगम वित्तीय हालत सुधारने के लिए काफी संघर्ष कर रहा था। गो सेस लगाकर हर साल 15 करोड़ की आमदनी के लिए इस प्रस्ताव को सभी पार्षदों की मंजूरी के साथ पास किया गया था। उसके बाद इस पास प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रशासन के स्थानीय निकाय सचिव को भेजा गया था। अब प्रशासक से हरी झंडी मिलने पर इसे लागू कर दिया गया है।
दूसरे मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव को प्रशासक ने दी मंजूरी
बुधवार को यूटी सचिवालय में बैठक के दौरान शहर में दूसरा मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भी लाया गया। वीपी सिंह बदनौर ने जीएमएसएच-16 को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने की स्वीकृति दे दी है। चंडीगढ़ प्रशासन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को अब 50 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्ताव भेजेगा। सेक्टर-32 के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बुनियादी ढ़ांचे का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि जीएमएसएच-16 के एक्सटेंशन के लिए 15 एकड़ अतिरिक्त भूमि की पहचान की जाएगी।
वित्तीय वर्ष में सीटीयू को हुआ 10.2 करोड़ का लाभ
यूटी सचिवालय में बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को बैठक के दौरान सीटीयू के अधिकारियों ने कारपोरेशन की वित्तीय स्थिति का ब्यौरा दिया। सीटीयू के ओवरऑल रेवेन्यू में 10.2 करोड़ का फायदा हुआ है। यहां बता दें कि सीटीयू ने हाल ही में लांग रूट के लिए जो बसें खरीदी हैं, उन्हें काफी पसंद किया जा रहा है क्योंकि इनमें न केवल वोल्वो से किराया कम है बल्कि सहूलियतें भी काफी हैं। सीटीयू लांग रूट पर और बसें चलाने की तैयारी में है। हालांकि, लोकल ऑपरेशन से सीटीयू को काफी नुकसान हो रहा है।