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शहरवासियों की समझदारी से चंडीगढ़ बना ब्यूटीफुल, स्वच्छ सर्वेक्षण फीडबैक कैटेगरी में इंदौर को पछाड़ा

Sun, 24 Jun 2018 02:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुरस्कार प्राप्त करते हुए मेयर देवेश मोदगिल
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ को जो तीसरा स्थान मिला है, उसमे शहरवासियों का अहम रोल है। शहरवासियों की फीडबैक के कारण चंडीगढ़ की रैंकिंग में भारी सुधार आया है, जबकि स्वच्छता से संबंधित सुविधाओं की कैटेगरी में चंडीगढ़ के अंक इंदौर और भोपाल के मुकाबले में काफी पिछड़े हैं। सिटीजन फीडबैक और स्वच्छता एप की कैटेगरी में चंडीगढ़ के अंक इंदौर और भोपाल से भी ज्यादा हैं। नगर निगम ने पिछले साल ज्यादा से ज्यादा फीडबैक देेने और एप लांच करवाने के लिए अभियान चलाया था। यहां तक कि एप डाउनलोड करने वाले को पार्किंग में वाहन पार्क करने की निशुल्क सुविधा दी गई थी।
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इंदौर का स्वच्छ सर्वेक्षण में पहला और भोपाल का दूसरा स्थान हासिल हुआ है। इनके अवार्ड शनिवार को इंदौर में आयोजित समारोह के दौरान पीएम मोदी ने दिया। पीएम मोदी ने मेयर देवेश मोदगिल को तीसरे रैंक का अवार्ड सौंपा। उनके साथ नगर निगम कमिश्नर केके यादव, पूर्व कमिश्नर जितेंद्र यादव और अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा मौजूद रहे। ओवरऑल चंडीगढ़ के इंदौर से 58 अंक कम हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में कुल 4 हजार अंक थे, जिसमें चंडीगढ़ को 3649 अंक मिले, जबकि पहले स्थान पर रहने वाले इंदौर को 3707 और भोपाल को 3689 अंक हासिल हुए हैं। ऐसे में भोपाल से चंडीगढ़ 40 अंक पीछे हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण - फोटो : Demo Photo
सर्विस लेवल प्रोग्रेस कैटेगरी में चंडीगढ़ ने 1400 में से 1191 अंक हासिल किए हैं, जबकि इस कैटेगरी में इंदौर ने 1359 और भोपाल ने 1305 अंक हासिल किए हैं। इंदौर के मुकाबले में चंडीगढ़ बेहतर सर्विस देने में 168 अंक पीछे है। अगर चंडीगढ़ सिटीजन फीडबैक में नंबर-1 पर न रहता तो पिछले साल की तरह सिटी ब्यूटीफुल की रैंकिंग काफी नीचे गिर जाती। पिछले साल के स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को 11वां स्थान हासिल हुआ था।

फीडबैक में चंडीगढ़ को मिले 1319 अंक

सिटीजन फीडबैक और स्वच्छता एप डाउनलोड करवाने की कैटेगरी में चंडीगढ़ ने 1319 अंक हासिल किए हैं, जबकि इस कैटेगरी में इंदौर नंबर-2 पर रहने वाले भोपाल से भी पीछे है। इंदौर ने इस कैटेगरी में 1159 अंक हासिल किए हैं, जबकि भोपाल ने इस कैटगरी में 1205 अंक लिए हैं। फीडबैक बढ़ाने के लिए नगर निगम के पूर्व कमिश्नर जितेंद्र यादव और अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा ने स्कूलों और कालेजों में जाकर भी छात्र छात्राओं को जागरूक करते हुए एप डाउनलोड करवाया था।

स्वच्छता सर्वेक्षण - फोटो : Demo Photo
टीम ने दिए 1139 अंक

स्वच्छता सर्वेक्षण करने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम आई थी। इस टीम ने निरीक्षण करने के बाद चंडीगढ़ को 1139 अंक दिए हैं, जबकि डायरेक्ट आर्ब्जवेशन की कैटेगरी में इंदौर को 1189 और भोपाल को 1179 अंक मिले हैं। इसमें भी चंडीगढ़ को कम मिले हैं।

पिछले साल 379 अंक मिले थे

पिछले साल के सर्वेक्षण में फीडबैक कैटेगरी में चंडीगढ़ को 600 में से 379 अंक मिले थे, जबकि जबकि नंबर-1 पर रहने वाली सिटी इंदौर को इस कैटेगरी में 497 अंक मिले थे। पिछले साल भी इंदौर नंबर-1 पर था। साल 2016 में चंडीगढ़ नंबर-2 पर भी रह चुका है।

सर्विस लेवल प्रोग्रेस में यह सुविधाएं होती है शामिल

सर्विस लेवल प्रोग्रेस की कैटेगरी में चंडीगढ़ पिछड़ा है, जिसमे पांच सुविधाएं शामिल हैं। इनमें कचरा प्रबंधन एवं ट्रांसपोर्टेशन, कचरे का प्रोसेस और निपटान, खुले में शौच मुक्त, सफाई व्यवस्था और नया इनोवेशन शामिल है। चंडीगढ़ को खुले में शौच मुक्त का स्टेटस पहले से ही प्राप्त है।

 

स्वच्छता सर्वेक्षण - फोटो : Demo Photo
दो करोड़ रुपये हुआ बर्बाद

शहरवासियों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने की आदत पैदा करना एक सपना ही बन गया है। इसके लिए नगर निगम की ओर से शहर में दो लाख तीन हजार डस्टबिन भी निशुल्क बांट दिए, जिस पर नगर निगम का दो करोड़ रुपये बर्बाद किए हैं, लेकिन अलग-अलग कचरा इकट्ठा करने का सिस्टम लागू नहीं हुआ। इस मद में चंडीगढ़ पिछड़ा है क्योंकि इंदौर और भोपाल में सूखा और गीला अलग अलग कचरा इकट्ठा होता है। इस समय शहर में किसी भी वार्ड में पूरी तरह से अलग-अलग कचरा इकट्ठा करने का सिस्टम शुरू नहीं हुआ है, जबकि हजारों घरों के डस्टबिन तो टूट ही चुके हैं। इस समय न तो लोग और न ही कलेक्टर अलग अलग कचरा ले रहे हैं।

डपिंग ग्राउंड से हर कोई परेशान

बेशक शहर को तीसरा स्थान हासिल हुआ है, लेकिन डड्डूमाजरा स्थित डपिंग ग्राउंड से पूरा शहर परेशान है। डडूमाजरा के निवासियों का जीना दुर्लभ हो गया है, जबकि मानसून के दिनों में पूरे शहर को यहां से दुर्गंध आती है। गारबेज प्लांट लगा होने के बावजूद डपिंग ग्राउंड में कचरा गिर रहा है। डड्डूमाजरा के निवासी यहां से डपिंग ग्राउंड शिफ्ट करने की मांग काफी लंबे समय से कर रहे हैं।

 
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स्वच्छता सर्वेक्षण - फोटो : Demo Photo
इस दौरान मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि यह चंडीगढ़ के लिए गर्व की बात है। इंदौर में मैंने पीएम नरेंद्र मोदी से स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार प्राप्त किया। पीएम ने ही चंडीगढ़ को नगर निगम बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी। चंडीगढ़ पूरे भारत में तीसरे स्थान पर रहा। इस पुरस्कार के लिए पूरे शहरवासी बधाई के पात्र हैं। नगर निगम के सभी पार्षद, अधिकारी और विशेष तौर पर सफाई कर्मचारियों की मेहनत से यह संभव हो पाया है। स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
 
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