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चंडीगढ़: केंद्र की योजनाओं को लागू करने में काफी पीछे है सिटी ब्यूटीफुल, न नौकरी मिली न मकान  

Mon, 20 Dec 2021 12:15 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इस बार चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा के लगभग सभी राष्ट्रीय नेता उज्ज्वला योजना का जिक्र कर रहे हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में इस योजना के तहत सिर्फ 87 गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जो पूरे देश में सबसे कम है।
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चंडीगढ़ में भाजपा का प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में इस बार केंद्र सरकार की योजनाओं का खूब शोर है। केंद्रीय मंत्री हों या स्थानीय नेता चंडीगढ़ के मुद्दों से ज्यादा प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र की योजनाओं की चर्चा कर रहे हैं और इसी पर वोट मांग रहे हैं। केंद्र की ये योजनाएं चंडीगढ़ में कितनी लागू हुई हैं, इसकी सच्चाई भाजपा के दावों से कोसों दूर है।

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पिछले दिनों भाजपा कार्यालय में हुई एक प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने केंद्र की कई और योजनाओं का भी जिक्र किया। लेकिन जनता से जुड़ी कुछ अहम योजनाओं की बात करें तो चंडीगढ़ के लोगों को इनका कुछ खास लाभ नहीं मिला। अमर उजाला ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना, आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की पड़ताल की। इसमें यह बात सामने आई कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को छोड़कर बाकी योजनाओं का शहरवासियों को कोई खास लाभ नहीं मिला।

उज्ज्वला योजना : सिर्फ 87 लाभार्थियों को मिला गैस कनेक्शन

चुनाव में भाजपा के लगभग सभी राष्ट्रीय नेता उज्ज्वला योजना का जिक्र कर रहे हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में इस योजना के तहत सिर्फ 87 गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जो पूरे देश में सबसे कम है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी इस योजना का लाभ 13232 परिवारों को मिला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ में लोगों के पास पहले से गैस कनेक्शन मौजूद हैं। इन दावों को नीति आयोग की हाल ही में जारी हुई फर्स्ट मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (एमपीआई) खारिज करती है। इसमें कहा गया है कि चंडीगढ़ की करीब छह प्रतिशत जनसंख्या बेहद गरीब की श्रेणी में आती है।

पीएम आवास योजना : 444 योग्य लोगों में से एक को भी नहीं मिला मकान

चंडीगढ़वासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का भी कोई लाभ नहीं मिला। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने कहा था कि जिनके नाम पर कहीं भी कोई संपत्ति न हो, उन्हें बना बनाया मकान दिया जाएगा। करीब सवा लाख लोगों ने आवेदन किया। 10132 लोगों को सफल पाया गया। कई तरह के सर्वे किए गए और फिर सीएचबी ने 444 योग्य लोगों की आखिरी सूची जारी की लेकिन आज तक इनमें से एक को भी मकान नहीं मिला। जो लोग इंतजार में बैठे थे, सीएचबी ने उन्हें लोन लेकर खुद कहीं और घर लेने की सलाह दे डाली। प्रशासन ने अब स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी मकान बनाकर नहीं दिया जाएगा।

आयुष्मान योजना : कार्ड सिर्फ 23678 के पास, गरीब तीन गुना   

चंडीगढ़ में सिर्फ 23678 परिवारों के पास ही आयुष्मान कार्ड है, जबकि गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों की संख्या इससे करीब तीन गुना अधिक है। इन सभी को हर महीने राशन का पैसा मिल रहा है। आयुष्मान योजना जब लांच हुई तो केंद्र सरकार ने 69282 लाभार्थियों की सूची तैयार की। इनमें से प्रशासन को 45604 परिवार मिले ही नहीं। पिछले लंबे समय से ये मांग हो रही है कि शहर में मौजूद करीब साढ़े 62 हजार परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे हैं, उन्हें तो लाभ मिलना ही चाहिए। प्रशासन ने डेढ़ साल पहले प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन केंद्र ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। 

पीएमजीकेएवाई : साढ़े 62 हजार परिवारों को मिल रहा मुफ्त गेहूं, खाते में पैसा भी

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) का लाभ करीब साढ़े 62 हजार परिवारों को मिल रहा है। पिछले चार चरणों में हर बार करीब 95 फीसदी लाभार्थियों ने मुफ्त गेहूं लिया है। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से पीले कार्डधारक परिवार के लिए 125.46 रुपये प्रति सदस्य (हर माह) व अंत्योदय अन्न योजना के तहत 878.22 रुपये प्रति परिवार जारी किए गए। हालांकि नवंबर में दिए गए राशन में कई लोगों को प्रशासन की तरफ से सड़ा हुआ गेहूं दे दिया गया, जिसका शहर भर में विरोध हुआ। बाद में प्रशासन ने सभी को गेहूं बदल कर दिया।

पीएमईजीपी : पांच साल में सिर्फ 1216 नौकरियां

भाजपा सरकार युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के दावे करती है। प्रदेश भाजपा भी इस बात को दोहराती रही है लेकिन लोकसभा में पेश किए गए एक आंकड़े के अनुसार पिछले पांच साल में चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत सिर्फ 1216 नौकरियां पैदा हुई हैं। यानी हर साल महज 243 नौकरियां ही विभिन्न योजनाओं द्वारा पैदा हुई हैं। बीते दिनों केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चंडीगढ़ में कहा था कि भाजपा चंडीगढ़ को आईटी हब बनाकर एक लाख नौकरियां पैदा करने की कोशिश करेगी।

निर्भया फंड का इस्तेमाल न करने पर घिर गया था प्रशासन

निर्भया फंड का इस्तेमाल नहीं करने पर चंडीगढ़ प्रशासन घिर गया था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 और 2019-20 में केंद्र ने चंडीगढ़ को एक भी रुपया नहीं दिया। इसके बाद वर्ष 2020-21 में निर्भया फंड में महज 32 लाख रुपये दिए गए। अब तक कुल 12.32 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। हालांकि अधिकतर फंड को प्रशासन खर्च नहीं कर पाया है।

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