फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुड न्यूजः चंडीगढ़ ने जीती 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' की पहली रेस

Sun, 02 Aug 2015 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब और हरियाणा के लिए अच्छी खबर है। राजधानी चंडीगढ़ जो अब तक सिटी ब्यूटीफुल के नाम से जानी जाती थी, भविष्य में स्मार्ट सिटी के रूप में भी पहचान बनाएगी। देश के 100 स्मार्ट शहरों की सूची में चंडीगढ़ को शामिल किया गया है।
विज्ञापन


स्मार्ट शहर परियोजना की सूची में मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर और भुवनेश्वर जैसे शहरों ने जगह पाई है। ये सभी विभिन्न राज्यों की राजधानियां हैं।

हालांकि, पटना, शिमला, तिरुवनंतपुरम, गंगटोक और बंगलूरू शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी स्मार्ट शहर परियोजना की सूची में स्थान नहीं पा सके हैं।

सूची में अब तक 100 शहरों को शामिल किया गया है जिनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के 13 शहरों को स्मार्ट शहर परियोजना में शामिल किया गया है।

उत्तर प्रदेश को मानदंड के सबसे ज्यादा स्लॉट

जो मानदंड अपनाए गए हैं उसके अनुसार, उत्तर प्रदेश को स्मार्ट शहर के सबसे अधिक 13 स्लॉट मिले हैं। भौगोलिक स्तर पर समानता रहे इसलिए, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को एक-एक स्लॉट दिया गया था। विजयवाड़ा, रायपुर और गुवाहाटी के अलावा दिल्ली सहित सभी केंद्र शासित प्रदेश स्मार्ट शहर की सूची में शामिल हैं।

राज्यों की राजधानियों की तुलना में कुछ छोटे शहरों ने सूची में स्थान पाने के मामले में बाजी मारी है। बिहार में बिहारशरीफ को नामित किया लेकिन पटना को जगह नहीं मिली। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में शिमला को धर्मशाला ने मात दे दी है।

कर्नाटक के शिवमोगा को भी नामित किया गया है। स्मार्ट शहर के तौर पर नामित सभी 100 शहरों में से प्रत्येक को अब ‘स्मार्ट शहर योजना’ तैयार करने की जरूरत होगी। इन योजनाओं का मूल्यांकन शहरी विकास मंत्रालय में शीर्ष इकाई द्वारा ‘सिटी चैलेंज’ प्रतिस्पर्धा के दूसरे चरण में किया जाएगा।

मूल्यांकन के लिए स्मार्ट शहर योजनाओं की विश्वसनीयता, संसाधन जुटाने की क्रियात्मक योजना, आर्थिक प्रभाव के अलावा कितने लोगों इससे फायदा पहुंचेगा और कितने लोगों को रोजगार मिलेगा तथा पर्यावरण पर क्या प्रभाव होगा आदि मानदंड होंगे।

200 करोड़ की आर्थिक मदद मिलेगी

मूल्यांकन के आधार पर 100 में से शीर्ष 20 शहरों को केंद्र की तरफ से चालू वित्त वर्ष के दौरान 200-200 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। अगले दो वर्षों में 40 शहरों को केंद्रीय फंडिंग के लिए चयनित किया जाएगा। अन्य शहरों को अपनी कमियों को पूरा करने की सलाह दी जाएगी। 100 स्मार्ट शहरों के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

82.5 अंकों के साथ काफी आगे है चंडीगढ़
चंडीगढ़ प्रशासन ने स्मार्ट सिटी लिस्ट में शामिल होने के लिए 82.5 अंकों के साथ दावा पेश किया है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि अंकों के हिसाब से चंडीगढ़ देश भर से आवेदन करने वाले शहरों की टॉप लिस्ट में शामिल है। औसतन शहरों के कुल 100 में से 60 से 70 अंक ही हैं। सिटीजन चार्टर के अंक अभी चंडीगढ़ प्रशासन ने नहीं जोड़े हैं। इस मामले में कानूनी राय मांगी गई है।

चंडीगढ़ अब टॉप-20 की दौड़ में शामिल
देश भर से चुने जाने वाली 100 स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने पहली 20 स्मार्ट सिटी में शामिल होने के लिए प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार चंडीगढ़ टॉप 20 में शामिल हुआ तो विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए 200 करोड़ की ग्रांट केंद्र सरकार देगी।
विज्ञापन

पोर्टल पर पब्लिक देगी स्मार्ट बनाने को सुझाव

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मुख्य अधिकारी गृहसचिव अनुराग अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी का प्रपोजल बनाते हुए शहरवासियों के सुझाव सबसे अहम होंगे। इस मामले में सीनियर आर्किटेक्ट, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी की लिस्ट जारी होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन लोगों के सुझाव के लिए पोर्टल लांच करेगा। जिससे प्रशासन को शहर की बेहतरी के लिए अधिक से अधिक उपयोगी सुझाव मिल सकेंगे।

फ्रांस की कंपनी ने दिखाई रुचि
स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट मिलने को लेकर यूटी प्रशासन के अधिकारी आश्वस्त हैं। अधिकारियों ने दूसरे चरण पर अभी से काम शुरू कर दिया है। इसके तहत कई प्राइवेट आर्किटेक्ट, यूटी प्रशासन में काम कर चुके आर्किटेक्चर और प्राइवेट कंपिनयों को आमंत्रित किया है। विदेश से भी फ्रांस की एक कंपनी ने चंडीगढ़ का स्मार्ट प्रोजेक्ट तैयार करने में रुचि दिखाई है। स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार 2 करोड़ की ग्रांट देगी।

24 घंटे मिलेगा बिजली पानी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पाने के लिए किसी भी शहर में 24 घंटे बिजली, पानी की सप्लाई अनिवार्य है। इन दोनों ही मामलों में चंडीगढ़ देश के अन्य शहरों से काफी आगे है। अधिकारियों का कहना है अप्रैल 2016 तक हर हाल में शहरवासियों को 24 घंटे पानी मिलेगा।

इसी दिशा में शुक्रवार को यूटी प्रशासन ने मोहाली गमाडा को 40 एमजीडी पानी की सप्लाई के लिए 98 करोड़ का चेक जारी कर दिया है। शहर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में भी बड़े स्तर पर काम जारी है। 2020 तक सोलर से 30 फीसदी बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें