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सीजन में पहली बार भीषण ठंड की चपेट में चंडीगढ़, धुंध में लिपटा शहर

Thu, 31 Dec 2020 02:29 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में गुरुवार सुबह छाया कोहरा। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पश्चिमी बर्फीली हवाओं के कारण चंडीगढ़ सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड का सितम जारी है। चंडीगढ़ में गुरुवार की सुबह घनी धुंध में हुई। इससे पहले बुधवार को दिन का तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नौ डिग्री कम रहा। जब दिन का तापमान सामान्य से साढ़े छह डिग्री से कम रहे तो वह भीषण ठंड की श्रेणी में आता है। इस सीजन में यह पहली बार है, जब चंडीगढ़ भीषण ठंड की श्रेणी में आया है। 

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बुधवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन भी रिकार्ड किया गया। इसके साथ ही शहर में धुंध का भी कहर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार रात साढ़े आठ बजे दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज हुई है। इतनी ज्यादा धुंध पहली बार इस सीजन में रिकार्ड की गई है। मंगलवार रात का तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा।

पिछले साल रहा था 8.8 डिग्री सेल्सियस
भले ही इस साल अब तक अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया हो, लेकिन पिछले साल ज्यादा ठंड रिकार्ड की गई थी। 2019 में 26 दिसंबर को अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो ऑल टाइम रिकार्ड है। मौसम विभाग के मुताबिक अभी तक इसके नीचे तापमान नहीं गया है।
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दो और तीन जनवरी को बारिश का पूर्वानुमान 
मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि पश्चिमी विक्षोभ फिर से आने वाला है। इससे दो व तीन जनवरी को बारिश की संभावना है। बारिश से पहले स्थिति में थोड़ा सुधार आने की संभावना है। इससे दिन व रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि बारिश के बाद फिर से तापमान में गिरावट आएगी। 31 दिसंबर को भी भीषण ठंड का कहर जारी रहने वाला है। एक जनवरी को तापमान में थोड़ा बदलाव आ सकता है।

लकवे की बीमारी का खतरा बढ़ा
ठंड बढ़ने के साथ ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) का खतरा बढ़ गया है। ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से प्रवाह में रुकावट से दिमाग की नसें फट जाती हैं। रक्त का थक्का जमने से ब्रेन की क्षमता प्रभावित होती है। शरीर के एक तरफ का अंग काम नहीं करता है। इस स्थिति को ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) कहते हैं।


ऐसे रखें ध्यान
  • हार्ट और बीपी के मरीज सुबह एकदम से ठंड में बाहर न जाएं
  • कमरे से बाहर निकलें तो गर्म कपड़े पहने रहें
  • बिस्तर छोड़ने के बाद थोड़ा व्यायाम अवश्य करें
  • सिर, हाथ-पैर अच्छी तरह ढक कर ही बाहर निकलें
  • शरीर गर्म रखने के लिए नियमित व्यायाम करें
  • भोजन में नमक की मात्रा सीमित रखें
  • ब्लड प्रेशर नियमित चेक कराएं
  • कोलेस्ट्राल व बीपी नियंत्रित रखें
  • अचानक कमरे से बाहर न निकलें
  • धूप निकलने पर ही वॉक पर जाएं
  • यदि हार्ट के मरीज हैं तो डाक्टर से मिलकर दवा का डोज बढ़वाएं
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