यह है मामला
जवान का कुछ समय पहले अंबाला ट्रांसफर हुआ था, लेकिन बाद में मुंबई ट्रांसफर कर दिया गया। जवान ने मुंबई में जाॅइन करने के बाद आईबी के उच्चाधिकारियों से तबादला वापस नॉर्थ रीजन में करने की मांग की क्योंकि जवान का परिवार चंडीगढ़ में रहता है और नॉर्थ रीजन से तबादला होने पर सरकारी क्वार्टर खाली करना होता है।
इसके बाद जवान ने अपने बेटे का फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाकर अपना ट्रांसफर चंडीगढ़ या जम्मू-कश्मीर में करवाने के लिए आवेदन किया। जब यह मामला चंडीगढ़ आईबी मुख्यालय पहुंचा, तो जांच में सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। जवान के बेटे को पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया। आईबी मुख्यालय ने जवान को तीन नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पीजीआई ने शुरू की जांच
आईबी मुख्यालय की ओर से जवान के बेटे का फर्जी सर्टिफिकेट बनाने को लेकर पीजीआई के आलाधिकारियों के साथ भी पत्राचार किया गया है। पीजीआई को लिखे गए पत्र में यह सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। पीजीआई प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।