सिटी ब्यूटीफुल में अपने घर के लिए 6 साल से इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। उनको जुलाई के अंत तक अपना घर मिल जाएगा। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की एक बैठक में सेक्टर-63 में बनाए जाने वाले करीब 2100 फ्लैट का काम जून तक पूरा करने का आदेश दिया गया है।
ये वे फ्लैट्स हैं जिसके चक्कर में लोगों के लाखों रुपये फंसे हैं। प्रोजेक्ट का काम लगभग पूरा हो चुका है। सीवरेज को लेकर पूडा और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में चल रही प्रॉब्लम भी सॉल्व की चुकी है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ने साइट का दौरा भी किया है।
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस प्रोजेक्ट की वजह से करीब छह साल से घर के लिए तरसने वाले लोगों पर दोहरी मार पड़ी है। हाउसिंग बोर्ड के ये 2100 फ्लैट वर्ष 2008 में सेक्टर-63 में निकाले थे। जिन्होंने प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया, उनको छह साल बीतने के बाद सिर्फ फ्लोर के आधार पर अलॉटमेंट कर दी गई। अब तक फ्लैट नंबर नहीं दिया गया है। इसमें एलआईजी, एचआईजी और एमआईजी के साथ ईडब्ल्यूएस कोटे के फ्लैट थे।
ईडब्ल्यूएस : छह लाख
एलआईजी : 17 लाख
एमआईजी : 30 लाख
एचआईजी : 49 लाख
अलॉटी हैं परेशान
मेरा ईडब्ल्यूएस कोटे का फ्लैट निकला है। इसका नंबर मुझे नहीं दिया गया। एक ओर मेरे छह लाख रुपये फंसे हैं और दूसरी ओर मैं किराये पर रह रहा हूं।
रमन प्रदीप, अलॉटी
मेरा सेक्टर-63 में एमआईजी फ्लैट निकला है। वर्ष 2010 तक मैंने 22 लाख रुपये जमा करवा दिए। वर्ष 2010 में पजेशन देना था पर फ्लोर वाइज मुझको फ्लैट अलॉट किया गया पर अब तक फ्लैट नंबर और पजेशन नहीं मिला।
अमन अग्रवाल, अलॉटी
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने फ्लोर वाइज फ्लैट अलॉट किए, नंबर नहीं दिया। लोगों को फ्लोर नहीं फ्लैट चाहिए। वर्ष 2010 में पजेशन देने के लिए कहा गया पर ऐसा हुआ नहीं। इससे तो परेशानी ही बढ़ी है।
प्रदीप बंसल
सचिव, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, चेयरमैन प्रॉपर्टी कंसल्टेंट, डीएसपी रियल इस्टेट
दो दिन पहले इस प्रोजेक्ट का रिव्यू किया, प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर हो गईं हैं। हमारी कोशिश है कि इसमें पजेशन जुलाई तक दे दें।
वीपी सिंह, चेयरमैन, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड