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Chandigarh: जीएमएसएच 16 की इमरजेंसी में इलाज मिलेगा, कंबल की व्यवस्था मरीज खुद करे

Sun, 11 Dec 2022 08:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

विभाग के उच्चाधिकारी का कहना है कि अस्पताल में आए मरीजों की मांग के आधार पर कंबल उपलब्ध कराया जा रहा है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को ज्यादा देर तक इमरजेंसी में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए उन्हें कंबल नहीं दिया जाता।
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जीएमएसएच 16 की इमरजेंसी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आप अपने मरीज को जीएमएसएच-16 की इमरजेंसी में इलाज के लिए लेकर जा रहे हैं तो साथ में कंबल जरूर ले जाएं। इमरजेंसी में इलाज तो मिल जाएगा, लेकिन कंबल नहीं। ऐसे में आप के मरीज को ठंड में ठिठुरना पड़ेगा। अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को ठंड से बचाव के नाम पर अव्यवस्था का शिकार बनाया जा रहा है। ठंड से ठिठुरते मरीजों को बचाव के लिए उनके परिजन घर से कंबल लेकर आ रहे हैं। 
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विभाग के उच्चाधिकारी का कहना है कि अस्पताल में आए मरीजों की मांग के आधार पर कंबल उपलब्ध कराया जा रहा है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को ज्यादा देर तक इमरजेंसी में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए उन्हें कंबल नहीं दिया जाता। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जो गंभीर मरीज चंद घंटों के लिए इमरजेंसी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं क्या उन्हें ठंड से बचाव की सुविधा दी जानी चाहिए या नहीं।
 
सभी बेड पर घर का कंबल
जीएमएसएच की इमरजेंसी में शनिवार की दोपहर भर्ती सभी मरीजों के पास उनके घर का कंबल था। सिर्फ एक मरीज बिना कंबल के बेड पर लेटा हुआ था। वह ठंड से कांप रहा था लेकिन ऑन ड्यूटी डॉक्टर या स्टाफ में से किसी ने उसे कंबल मुहैया कराने का प्रयास नहीं किया। पूछने पर मरीज ने बताया कि जल्दबाजी में वह घर से बिना कंबल के ही आ गया। अब उसकी स्थिति थोड़ी ठीक हुई है तो उसके परिजन कंबल लेने के लिए घर गए हैं, लेकिन उसे काफी ठंड लग रही है। इस संबंध में उसने स्टाफ को भी बताया था। इसके बावजूद उसे कंबल मुहैया नहीं कराया गया।
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इंडेंट में भरपूर फिर मरीज क्यों मजबूर
जानकारी के अनुसार अस्पताल के वार्ड की तरह इमरजेंसी के लिए भी ठंड में कंबल, चादर और हीटर का इंडेंट चेक किया जाता है। पिछले दिनों चेक किए गए इंडेंट में इमरजेंसी में कंबल का स्टॉक भरपूर पाया गया था। इसके बावजूद मरीजों को ठंड में ठिठुरने के लिए छोड़ दिया गया है। वहीं इमरजेंसी वॉर्ड में लगाए गए हीटर भी अभी दिवाल पर तस्वीरों की तरह टंगे हुए हैं। एक भी हीटर ऑन नहीं किया जा रहा है। सुविधा होने के बावजूद भर्ती मरीजों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।

अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में कंबल है। भर्ती मरीजों की मांग के अनुसार उन्हें उपलब्ध भी कराया जा रहा है।  -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक
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