कोरोना टीकाकरण अभियान में चंडीगढ़ को उत्कृष्ट प्रदर्शन की श्रेणी में रखा गया है। इससे अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग का उत्साह और ज्यादा बढ़ गया है। चंडीगढ़ को यह श्रेणी टीकाकरण, उससे होने वाले दुष्प्रभाव व उससे बचाव के बेहतर प्रबंधन के लिए दी गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चंडीगढ़ के साथ असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को इस श्रेणी में रखा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सफलता बेहतर कार्य योजना और उसके क्रियान्वयन ने दिलाई है।
16 जनवरी से शुरू हुए कोरोना टीकाकरण अभियान में अब तक किसी बड़ी दुर्घटना की रिपोर्ट नहीं हुई है। टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत त्रेहान ने बताया कि पांच लाख से ज्यादा लाभार्थियों में से महज तीन ने टीका लगवाने के बाद परेशानी की शिकायत की है। उनमें से एक को डायरिया व बुखार, दूसरे को उच्च रक्तचाप और तीसरे को कम प्लेटलेट्स संबंधी समस्या थी। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार उन तीनों को पहले से इससे जुड़ी समस्या थी। टीका लगवाने से उनमें किसी प्रकार के दुष्प्रभाव की पुष्टि नहीं हो पाई है।
अब तक 78 प्रतिशत को लगी पहली खुराक
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक शहर की 78.65 प्रतिशत आबादी यानी 557794 को पहली व 21.54 प्रतिशत यानी 152720 को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। इनमें 18 से 44 साल के बीच के लाभार्थियों की संख्या 275983 है। वहीं, अब तक 95.2 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों व 101.96 प्रतिशत अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने टीके की पहली खुराक लगवा ली है। पिछले सात दिनों से औसतन 9126 लोगों का टीकाकरण हो रहा है।
56 सरकारी टीकाकरण केंद्र
शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 56 केंद्र बनाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग आबादी के अनुपात में कहीं ज्यादा केंद्र संचालित कर रहा है। नतीजतन लोगों को अपने घर के नजदीक ही टीका लगवाने की सुविधा मिल रही है।
मिल रहा भरपूर सहयोग
कोरोना टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग को हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है। इसमें धार्मिक समुदाय, संस्थाएं, क्षेत्रीय पार्षद और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी आगे आकर अपने क्षेत्र में टीकाकरण शिविर आयोजित करवा रहे हैं। उनका मानना है कि संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे पहले जरूरी है। उनकी यह सोच अभियान को सफल बनाने में सहायक साबित हो रही है।
टीकाकरण महाअभियान में देश के तीन शीर्ष प्रदेशों में चंडीगढ़ का शामिल होना, इस बात को साबित करता है कि कार्ययोजना से लेकर उसके क्रियान्वयन तक में हर स्तर पर बेहतर समावेश किया गया है। यह वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर इससे जुड़े हर कर्मचारी के मेहनत का फल है। -डॉ. मंजीत त्रेहान, टीकाकरण अधिकारी