चंडीगढ़ फायर ब्रिगेड विभाग में तैनात फायर ऑफिसर व मनीमाजरा में पहले सब फायर ऑफिसर के रूप में तैनात रहे अनिल शर्मा ने एसटीओ के कोर्स के लिए खुद को लीडिंग फायरमैन बताकर फार्म भर दिया। उसके बाद नागपुर में कोर्स भी कर लिया। इस मामले में जब प्रशासन को शिकायत मिली तो नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर तिलकराज की जांच में अनिल शर्मा दोषी पाए गए।
प्रशासन ने मामले में फिर से आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच कर रिपोर्ट देने के साथ ही कार्रवाई के लिए कहा है। वर्तमान में सेक्टर-17 स्थित फायर स्टेशन में फायर ऑफिसर के पद पर तैनात अनिल शर्मा वर्ष 2004 में मनीमाजरा स्थित फायर स्टेशन में सब फायर ऑफिसर के पद पर तैनात थे। इस दौरान स्टेशन फायर ऑफिसर के पद के लिए ट्रेनिंग करने वालों के नाम मांगे गए थे।
इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता लीडिंग फायरमैन थी। अनिल शर्मा ने फार्म में स्वयं को लीडिंग फायरमैन बताया। इसके बाद नागपुर स्थित नेशनल फायर सर्विस कॉलेज (एनएफएसए) से एसटीओ का कोर्स कर लिया। उसके बाद कुछ लोगों ने इस धोखाधड़ी की शिकायत प्रशासन को कर दी। प्रशासन ने निगम से जांच के लिए कहा।
जांच एडिशनल कमिश्नर तिलकराज को सौंपी गई। जांच में अनिल शर्मा दोषी पाए गए। हालांकि प्रशासन ने एक आईएएस ऑफिसर से जांच कराकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।