ऑपरेशन लोटस के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त कर पंजाब में आप सरकार गिराने की साजिश के आरोपों पर एफआईआर दर्ज हो गई है। बुधवार देर शाम मोहाली के स्टेट क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज करने के बाद पूरे मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई है। इससे पहले दोपहर को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में आम आदमी पार्टी के 12 विधायकों ने पुलिस मुख्यालय जाकर डीजीपी को मामले की शिकायत के साथ सबूत सौंपे। इसी बीच, दावा किया गया है कि जालंधर पश्चिम से आप विधायक शीतल अंगुराल को सबूत देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
बुधवार दोपहर को वित्त मंत्री चीमा के साथ पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय किशन रोडी, विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम, कुलवंत सिंह पंडोरी, मंजीत सिंह बिलासपुर, दिनेश चड्ढा, रमन अरोड़ा, नरिंदर कौर भराज, रजनीश दहिया, रूपिंदर सिंह हैप्पी, शीतल अंगुराल और लाभ सिंह उगोके डीजीपी के पास पहुंचे। मुख्यमंत्री के विदेश में होने के बीच मोर्चा संभाल रहे वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि डीजीपी को विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयास के पर्याप्त सबूत सौंप दिए गए हैं।
इसमें फोन करने वालों के नाम, मोबाइन नंबर, कॉल रिकार्डिंग आदि शामिल है। डीजीपी से मिलने वालों में वे विधायक भी थे, जिन्हें कथित रूप से भाजपा के लोगों ने 25-25 करोड़ की पेशकश कर खरीदने की कोशिश की थी। देर शाम को पंजाब पुलिस ने मोहाली स्थित स्टेट क्राइम थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की 1988 की धारा 8 और आईपीसी की धारा 171-बी व 120-बी के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की ।
सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया
ऑपरेशन लोटस के बीच आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सभी विधायकों को रविवार को दिल्ली बुलाया है।
मेरे विधायक पंजाब के प्रति वफादर रहेंगे
हम पंजाबी अपनी मिट्टी के वफादार होते हैं। भाजपा पर सत्ता का नशा सवार है। लोग वोट नहीं दें तो वह विधायक खरीदने का रास्ता चुनते हैं। मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि सिकंदर को भी पंजाबियों ने रोका था। मुझे अपने विधायकों पर भरोसा है कि वे अपनी धरती और पंजाब के प्रति वफादार रहेंगे।
-भगवंत मान, मुख्यमंत्री पंजाब
ऑपरेशन लोटस दिल्ली और पंजाब में हो गया फेल
ऑपरेशन लोटस दिल्ली और पंजाब में फेल हो गया, गोवा में सफल रहा, क्योंकि जब आप कांग्रेस को वोट डालते हैं तो आप लोग भाजपा का एक भावी विधायक चुन रहे होते हैं। कांग्रेस खत्म हो चुकी है। जिस तरह से धन-बल और सीबीआई, ईडी की धमकी का इस्तेमाल विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए किया गया है, यह दलबदल विरोधी कानून/10वीं अनुसूची में तत्काल संशोधन की आवश्यकता को दर्शाता है। लोकतंत्र की इस हत्या को रोकने के लिए मैंने मानसून सत्र 2022 में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था।
- राघव चड्ढा, सांसद आप
पहले दिया लालच, अब दे रहे जान से मारने की धमकी: शीतल
आप के जालंधर पश्चिमी से विधायक शीतल अंगुराल ने दावा किया है कि पंजाब और हरियाणा के भाजपा नेता उन्हें पिछले दस दिन से लालच देकर पार्टी छोड़ने का दबाव बना रहे थे। जब पेशकश ठुकरा दी तो जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर उन्होंने कोई बात जगजाहिर की या फिर सबूत दिए तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंच सकता है। अंगुराल ने कहा कि उनके पास वे सारे मोबाइल नंबरों समेत ऑडियो, वीडियो सबूत हैं, जिसमें उन्हें धमकाया गया है।
आप विधायकों के आरोपों की हो सीबीआई जांच: भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आप नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। चुघ ने कहा कि यह सबसे हास्यास्पद है कि आप पंजाबियों के साथ खेल रही है, क्योंकि पंजाब की शराब नीति में आप सरकार द्वारा किए गए घोर भ्रष्टाचार से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है। फर्जी कॉल के आधार पर शिकायत लेकर डीजीपी के पास जाने वाली आप सरकार घटिया और भ्रामक राजनीति कर रही है, जो आने वाले समय में पंजाब के लिए आपदा साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह का अभियान दिल्ली में आप द्वारा चलाया गया था कि भाजपा दिल्ली में आप सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है, लेकिन अंतत: यह झूठा साबित हुआ।