चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ज्यादा से ज्यादा विभागों की सेवाओं को ऑनलाइन करने में जुटा है। सभी विभागों के भुगतान को ई-संपर्क से जोड़ा जा रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग ई-संपर्क वेबसाइट व मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ये सुरक्षित नहीं है, क्योंकि ये वेबसाइट अभी भी एचटीटीपी पर ही चल रही हैं। इससे विजिटर का डाटा हैक हो सकता है या अकाउंट से छेड़छाड़ हो सकती है।
सरकारी योजनाओं और आंकड़ों से अपडेट होने के कारण इस डिजिटल युग में लोगों की इंटरनेट पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन ई-संपर्क केंद्र का इस्तेमाल करने वाले शहर के सुशील शर्मा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स भरा तो उन्होंने देखा कि संपर्क केंद्र की वेबसाइट और मोबाइल एप सुरक्षित नहीं है। वेबसाइट खोलने पर भी लिखा आ रहा है कि ये साइट सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि मोबाइल एप में भी कई तरह की समस्याएं हैं। पेमेंट करते ही एप क्रैश हो जाता है, जिससे पता नहीं चलता कि पेमेंट हुई है या नहीं। धनास में रहने वाले इंद्रपाल ने कहा कि वह मकान का किराया आदि वेबसाइट से भरते हैं। ऐसे में अगर वेबसाइट सुरक्षित नहीं है, तो ये बहुत गंभीर बात है।
हमने सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) के लिए ऑर्डर किया हुआ है। हालांकि ये ज्यादा बड़ी बात नहीं है, क्योंकि ई-संपर्क केंद्र के सभी भुगतान बैंक की वेबसाइट पर होते हैं और बैंकों की वेबसाइट काफी सुरक्षित होती है। हम रसीद देते हैं। - अनिल पराशर, इंचार्ज, संपर्क केंद्र