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चंडीगढ़ में ई-संपर्क वेबसाइट खोलना सुरक्षित नहीं: एचटीटीपी पर चल रही वेबसाइट, लीक हो सकता है आपका डाटा 

Tue, 26 Apr 2022 10:36 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एचटीटीपी (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) उपयोग किसी वेब पेज तक पहुंचने और उस पेज पर मौजूद टेक्स्ट, इमेज आदि फाइल्स को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है, लेकिन ये सुरक्षित नहीं होता है।
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चंडीगढ़ ई संपर्क केंद्र की वेबसाइट सुरक्षित नहीं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ज्यादा से ज्यादा विभागों की सेवाओं को ऑनलाइन करने में जुटा है। सभी विभागों के भुगतान को ई-संपर्क से जोड़ा जा रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग ई-संपर्क वेबसाइट व मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ये सुरक्षित नहीं है, क्योंकि ये वेबसाइट अभी भी एचटीटीपी पर ही चल रही हैं। इससे विजिटर का डाटा हैक हो सकता है या अकाउंट से छेड़छाड़ हो सकती है। 

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केंद्र सरकार ने पैसों के लेनदेन वाली सभी तरह की सरकारी व गैर सरकारी वेबसाइट के लिए हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल ओवर सिक्योर सॉकेट लेयर (एचटीटीपीएस) प्रोटोकॉल को अनिवार्य कर रखा है लेकिन शहर की सबसे बड़ी वेबसाइट, जिस पर शहर के लोग प्रॉपर्टी टैक्स, मकान का किराया, बिजली-पानी आदि कई तरह के भुगतान करते हैं, वह ही सुरक्षित नहीं है। 

शहर के साइबर विशेषज्ञ राजेश राणा का कहना है कि ये बहुत गंभीर बात है, क्योंकि सुरक्षित कनेक्शन नहीं हो पाने की वजह से कोई भी डाटा हैक कर सकता है। ई-संपर्क वेबसाइट का असुरक्षित होना बेहद गंभीर है, क्योंकि पूरे शहरवासियों का डाटा इस पर मौजूद है। उन्होंने बताया कि एचटीटीपी (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) उपयोग किसी वेब पेज तक पहुंचने और उस पेज पर मौजूद टेक्स्ट, इमेज आदि फाइल्स को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है, लेकिन ये सुरक्षित नहीं होता है इसलिए ऐसी किसी वेबसाइट पर जाने से पर्सनल इंफॉर्मेशन लीक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 
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दूसरी ओर, एचटीपीएस (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर) एक सुरक्षित व एनक्रिप्टेड इंटरनेट कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है, जो उपयोगकर्ता के कंप्यूटर और जिस साइट का वह इस्तेमाल कर रहा है उसके बीच, डाटा के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देता। साथ ही, यह डाटा की गोपनीयता की सुरक्षा भी करता है। केंद्र सरकार की तरफ से भी कई बार सिर्फ सुरक्षित प्रोटोकॉल का ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।  

कई बार पेमेंट करने पर ई-संपर्क मोबाइल एप हो जाता है क्रैश

सरकारी योजनाओं और आंकड़ों से अपडेट होने के कारण इस डिजिटल युग में लोगों की इंटरनेट पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन ई-संपर्क केंद्र का इस्तेमाल करने वाले शहर के सुशील शर्मा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स भरा तो उन्होंने देखा कि संपर्क केंद्र की वेबसाइट और मोबाइल एप सुरक्षित नहीं है। वेबसाइट खोलने पर भी लिखा आ रहा है कि ये साइट सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि मोबाइल एप में भी कई तरह की समस्याएं हैं। पेमेंट करते ही एप क्रैश हो जाता है, जिससे पता नहीं चलता कि पेमेंट हुई है या नहीं। धनास में रहने वाले इंद्रपाल ने कहा कि वह मकान का किराया आदि वेबसाइट से भरते हैं। ऐसे में अगर वेबसाइट सुरक्षित नहीं है, तो ये बहुत गंभीर बात है।
 

हमने सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) के लिए ऑर्डर किया हुआ है। हालांकि ये ज्यादा बड़ी बात नहीं है, क्योंकि ई-संपर्क केंद्र के सभी भुगतान बैंक की वेबसाइट पर होते हैं और बैंकों की वेबसाइट काफी सुरक्षित होती है। हम रसीद देते हैं। - अनिल पराशर, इंचार्ज, संपर्क केंद्र  

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