चंडीगढ़ निवासी पीड़ित की मां ने शिकायत में बताया था कि उसके चार बच्चे हैं, जिसमें से एक दस साल की बेटी काफी दिनों से कुछ डरी-सहमी थी। 31 मार्च 2021 को उसने बेटी को हिम्मत दी और उससे डरे रहने का कारण पूछा तब बेटी ने पूरी सच्चाई बताई।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने दस वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गए दोषी को 20 साल की कैद और 51 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान बुड़ैल में कॉस्मेटिक शॉप चलाने वाले छत्तर सिंह के रूप में हुई है।
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मामले में बच्ची की मां ने मार्च 2021 में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दो साल तक चली अदालती कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों को जांचने और दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सोमवार को आरोपी को दोषी करार दे दिया था।
चंडीगढ़ निवासी पीड़ित की मां ने शिकायत में बताया था कि उसके चार बच्चे हैं, जिसमें से एक दस साल की बेटी काफी दिनों से कुछ डरी-सहमी थी। 31 मार्च 2021 को उसने बेटी को हिम्मत दी और उससे डरे रहने का कारण पूछा। उसने बताया कि कॉस्मेटिक शॉप चलाने वाले अंकल की दुकान पर वह नेल पेंट लेने के लिए गई थी।
इस दौरान आरोपी उसे नेल पेंट देने के बहाने अपने घर पर ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद बच्ची की मां ने शिकायत सेक्टर-34 थाना में दर्ज करवाई थी। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
नशा तस्करी का आरोपी सबूतों के अभाव में बरी
जिला अदालत ने नशा तस्करी के एक मामले में आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले व्यक्ति की पहचान चंडीगढ़ सेक्टर-29 निवासी सुदेश कुमार (49) के रूप में हुई है।
मार्च 2019 में इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने सुदेश को गांव दड़वा के श्मशान घाट के पास पकड़ा था। उसके पास मौजूद एक पॉलिथीन बैग से 150 नशीले कैप्सूल बरामद हुए थे। एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। अदालती कार्रवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल को केस में झूठा फंसाया गया है। पुलिस के पास केस से संबंधित कोई गवाह नहीं है। यहां तक अदालत में दिए गए पुलिसकर्मियों के बयान भी आपस में मेल नहीं खा रहे। मामले में सामने आए तथ्यों को जांचने और दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।