इनमें कर सकते हैं पंजीकृत
वालंटियर को तीन श्रेणी में बांटा गया है। पहली श्रेणी में ऐसे वालंटियर होंगे, जो साइबर अपराध के बारे में समाज में जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। दूसरी श्रेणी में ऐसे विशेषज्ञ वालंटियर को रखा गया है, जो साइबर अपराधियों को पकड़वाने में मदद कर सकें। वहीं, तीसरी श्रेणी में ऐसे वालंटियर हैं, जो सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को तलाश कर साइबर पुलिस को जानकारी देंगे। आप साइबरडॉटगवर्नमेंटडॉटइन पर जाकर खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इन वालंटियरों का आला अधिकारी साक्षात्कार लेंगे, जिसमें पास होने के बाद वालंटियर साइबर सेल का हिस्सा होगा।
सोशल मीडिया से बढ़ रहे अपराध व भड़काऊ पोस्ट पर शिकंजा कसना मकसद
साइबर सेल के अनुसार, बड़ी संख्या में वालंटियर तैयार करने से एक तरफ साइबर अपराध पर शिकंजा कसना और दूसरी तरफ अपराधियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर होने वाले साइबर जागरूकता अभियान में इन वालंटियर को ले जाया जाएगा, जहां ये लोगों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक करने में मदद करेंगे। इससे आम जनता के बीच साइबर अपराध को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ पोस्ट पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
यातायात पुलिस में मार्शल करते हैं मदद
बता दें कि इससे पहले सिर्फ यातायात पुलिस के पास यह सुविधा थी। यातायात मार्शलों को रखा गया था। ये मार्शल यातायात पुलिस के जागरूकता अभियान, रिश्वतखोरी रोकना, नाके पर तैनात रहने के अलावा यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों की पुलिस को सूचना देते हैं। चंडीगढ़ यातायात पुलिस में करीब 130 मार्शल अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
साइबर वालंटियरों को रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, अब तक 6 लोगों ने खुद को पंजीकृत करवाया है। मानक के अनुसार वालंटियर साइबर सेल का हिस्सा बनेंगे। -रश्मि यादव, डीएसपी, साइबर सेल, चंडीगढ़