चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला को मंगलवार को चार दिन के रिमांड के बाद जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया।
पुलिस ने जिला अदालत में एक अर्जी दायर कर अरविंद सिंगला की लिखावट के सैंपल लेने की मांग की। पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों में हस्ताक्षरों के मिलान के लिए अरविंद सिंगला की लिखाई के नमूने चाहिए। अरविंद सिंगला के वकील ने कहा कि चार दिन के रिमांड के दौरान पुलिस को सैंपल लेने चाहिए थे। अब वह पहले अपना जवाब दायर करेंगे, उसके बाद लिखावट के नमूने दिए जाएंगे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई को स्थगित कर दी। अब अगली सुनवाई 25 जून को होगी।
बता दें कि बीते शुक्रवार को अरविंद सिंगला ने जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अरविंद सिंगला एफआईआर दर्ज होने के बाद बीते 2 मार्च से ही फरार चल रहा था। अदालत ने उस पर इनाम भी घोषित किया था। इसके लिए पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही थी, लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अरविंद सिंगला पर कोठी का 33 प्रतिशत (एक करोड़ 85 लाख रुपये) लेने का आरोप है। इस मामले में आरोपी पत्रकार संजीव महाजन, मनीष गुप्ता, सतपाल डागर, राजदीप सिंह को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मनीष गुप्ता को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
बता दें कि मामले में आरोपी नकली राहुल मेहता उर्फ गुरप्रीत सिंह ने बीते वीरवार को जिला अदालत में अपनी मां के साथ पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था, जहां से पुलिस ने उसका चार दिन का रिमांड हासिल कर जेल भेज दिया था। रिमांड के दौरान गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि सतपाल डागर ने उसे इस काम के लिए सात लाख रुपये दिए थे।
संजीव महाजन की याचिका पर फैसला आज
मामले में आरोपी पत्रकार संजीव महाजन और सतपाल डागर की जमानत याचिका पर बुधवार को फैसला होगा। हालांकि, एक अन्य आरोपी दलजीत सिंह उर्फ रूबल ने अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी। इसके बाद उसे 10 दिन की राहत दी गई थी। इस दौरान उसके 164 के बयान भी दर्ज किए गए थे। आगे उसे गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला भी बुधवार को होगा।