दिन में मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा शाम को चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा चयनित स्थानीय प्रतिभाएं अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगी। चंडीगढ़ प्रशासन के संस्कृति निदेशक सौरभ अरोड़ा ने मेले में दोपहर 12 बजे तक स्कूली बच्चों के लिए मुफ्त प्रवेश का एलान किया है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्विज, कार्यशालाएं और अन्य गतिविधियां शामिल हैं।
16 विशाल संगीत वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला द्वारा निर्मित पत्थर में नक्काशी किए गए 16 विशाल संगीत वाद्ययंत्रों की पहली प्रदर्शनी मेले में आकर्षण का केंद्र होगी। ये प्रभावशाली मूर्तियां कला का बेजोड़ नमूना हैं। मेला मैदान को ‘मेरी माटी मेरा देश’ थीम से सजाया जाएगा, जिसे परिवेश कलाकार अनूप गिरी के नेतृत्व में कुशल टीम द्वारा जीवंत किया जाएगा।
लोक कलाकारों को मिलेंगे पुरस्कार
पिछले वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उद्घाटन दिवस पर चयनित कलाकारों को लोक कलाओं को समर्पित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक द्वारा घोषित ये वार्षिक पुरस्कार, लोक कलाओं में योगदान को पहचानने और सम्मानित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।