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चंडीगढ़ में कांग्रेस को झटका: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने थामा भाजपा का दामन, 48 साल बाद तोड़ा नाता

Wed, 15 May 2024 01:59 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सुभाष चावला ने 21 साल की उम्र में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी। वह प्रदेश कांग्रेस के सभी पदों पर रहे। प्रदेश अध्यक्ष भी बने। पार्टी की तरफ से उन्हें दो बार मेयर भी बनाया गया।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला भाजपा में शामिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व शहर के पूर्व मेयर सुभाष चावला ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। चावला बीते 48 वर्ष से कांग्रेस में थे।

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सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय कमलम में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डा. सरोज पांडेय, भाजपा प्रत्याशी संजय टंडन और प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा ने चावला को भाजपा में शामिल कराया।

सुभाष चावला ने कहा कि कांग्रेस में उनका मन नहीं लग रहा था और वह कांग्रेस के कुछ फैसलों से खुश नहीं थे।उन्होंने कहा कि पूनम शर्मा और दविंदर बबला भी भाजपा में हैं, उनके बिना कांग्रेस में मन नहीं लग रहा था। बताया कि उन्होंने 21 साल की उम्र में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी, अब वह 69 वर्ष के हैं। 48 साल कांग्रेस को दिए। इतने लंबे वक्त में वह प्रदेश कांग्रेस के लगभग सभी पदों पर रहे। प्रदेश अध्यक्ष भी बने। पार्टी ने दो बार मेयर भी बनाया लेकिन अब हालात बदल गए हैं। पिछले दो-तीन साल में कांग्रेस ने कई गलत निर्णय लिए, जिसकी वजह से वह कांग्रेस का छोड़ने पर विवश हुए।

चावला ने कहा कि जिस आम आदमी पार्टी की वजह से कांग्रेस की यह हालत हुई, अब कांग्रेस ने उसी पार्टी से हाथ मिला लिया। यह उनके लिए बर्दाश्त से बाहर था। हर राजनीतिक दल के नीतिगत नियम होते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चंडीगढ़ कांग्रेस को यह फैसला काफी महंगा साबित होगा। चावला ने कहा कि पैसा कांग्रेस खर्च कर रही है और लीडरशिप आम आदमी पार्टी की तैयार हो रही है। यह अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। कहा कि चंडीगढ़ में जैसा उम्मीदवार चाहिए था, वैसा कांग्रेस देने में पिछड़ गई। वह संजय टंडन के सेवा कार्यों से काफी प्रभावित हैं, क्योंकि कोविड के दौरान उन्होंने जनता की जो सेवा की थी वह बेमिसाल है।

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एक दिन पहले कांग्रेस ने चावला को बनाया था स्टार प्रचारक
कांग्रेस ने एक दिन पहले ही सुभाष चावला को चंडीगढ़ लोकसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। वह कांग्रेस की मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्य भी थे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पांडेय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर देश की जनता को विश्वास है और सुभाष चावला भी पीएम मोदी की प्रेरणा से भाजपा में शामिल होकर राष्ट्रसेवा के भाव से आए हैं।

भाजपा प्रत्याशी संजय टंडन ने कहा कि चावला कांग्रेस में रहते हुए अनेक पदों पर रहे लेकिन जब उन्होंने भाजपा में शामिल होने का मन बनाया तब उन्होंने यही कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी देश की सेवा कर रहे हैं, उसी तरह से वह भी भाजपा में आकर शहरवासियों की सेवा करना चाहते हैं। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष पूनम शर्मा, दविंदर सिंह बबला, जगतार सिंह जग्गा, महामंत्री हुकम चंद, अमित जिंदल, पूर्व मेयर सरबजीत कौर, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत सिंह राणा, हरप्रीत कौर एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

नगर निगम के बड़े जानकार, लंबा सियासी अनुभव
चावला को कई दशकों का राजनीतिक अनुभव है। इसका कांग्रेस को लाभ मिलता था। वह पार्टी के सभी पदों पर रहे हैं, इसलिए उनके पास हर स्तर का प्रशासनिक अनुभव भी था। दो बार शहर का मेयर रहने की वजह से वह नगर निगम के नियमों के सबसे बड़े जानकार के रूप में जाने जाते हैं। यह बात उनकी ज्वाइनिंग पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी कही। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं भाजपा के कई पार्षद भी उनसे निगम के नियमों पर समय-समय पर सलाह लेते हैं। अच्छे वक्ता के साथ गांव-कॉलोनियों के लोगों में भी उनकी पहचान है।

इस घटना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने सुभाष चावला को बहुत कुछ दिया। अफसोस है कि वह इस लड़ाई को बीच में छोड़ गए और भाजपा के आगे घुटने टेक दिए। पार्टी ने उन्हें काफी मान-सम्मान दिया। उन्हें हर पद से नवाजा लेकिन दुख होता है कि पूरी जिंदगी पार्टी में रहने के बाद अब पार्टी के नुकसान पहुंचाने का काम किया है। हालांकि उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शहर का एक-एक मतदाता जागरूक है और गठबंधन के प्रत्याशी के हक में वोट डालने को आतुर है।

 

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