चंडीगढ़ की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बुधवार को एमओएच डॉ. अमृतपाल वडिंग को चार्जशीट करने के लिए उनके मूल कैडर पंजाब के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख दिया है। घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियों के लिए चालक भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के मामले में आयुक्त ने यह कार्रवाई की है।
निगम सूत्रों के अनुसार, घरों से कचरा उठाने वाली 96 गाड़ियां अब भी स्टोर में खड़ी हैं। उनके लिए निगम को चालकों की भर्ती करनी थी। 27 अक्तूबर 2021 को चालकों की भर्ती का टेंडर भी खुल गया था। इस बीच आयुक्त ने कई बार एमओएच से भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी पूछा। एमओएच ने आयुक्त को बताया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
कुछ दिन पहले एमओएच ने आयुक्त से कहा कि चालकों की भर्ती के लिए कमेटी बना दें। इस पर आयुक्त को गुस्सा आ गया। उन्होंने एमओएच से कहा कि निगम चुनाव सिर हैं। जल्द आचार संहिता लग जाएगी। अब कमेटी चालकों का चयन करेगी तो आचार संहिता में टेंडर कैसे लगेगा। डेपुटेशन पर आए अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट या अन्य कार्रवाई करने का अधिकार उनके मूल विभाग के पास ही होता है। इसलिए आयुक्त ने पंजाब के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर एमओएच को चार्जशीट करने के लिए पत्र लिख दिया है।
सफाई व्यवस्था के टेंडर पर भी उठा था सवाल
इससे पहले दक्षिण के सेक्टरों में सफाई व्यवस्था के लिए भी टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी एमओएच सवालों के घेरे में आ चुके हैं। सदन ने दक्षिण के सेक्टरों के लिए लायंस कंपनी का टेंडर खत्म कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया करने को कहा था, लेकिन एमओएच ने सितंबर के बाद से फाइल ही आगे नहीं बढ़ाई, जबकि नवंबर में लॉयंस कंपनी का टेंडर खत्म हो रहा है। आयुक्त ने कहा कि इतनी जल्दी नया टेंडर करना संभव नहीं, इसलिए लायंस कंपनी का टेंडर बढ़ाया जाए। इस पर सदन ने प्रशासक से जांच की मांग की थी। जो सदन की कार्रवाई में भी नोट करवाई गई।
तीन साल का कार्यकाल बढ़ने के बाद से निशाने पर
पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का चंडीगढ़ में तीन साल का कार्यकाल होता है। इस साल एमओएच डॉ. वडिंग का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद तीन साल के लिए उनका कार्यकाल और बढ़ा दिया गया। उसके बाद से ही एमओएच लोगों की नजरों में हैं। कुछ दिनों में ही एमओएच कई मामलों में घिरे हुए नजर आने लगे हैं।