साढ़े तीन साल का मेहताब अपने माता-पिता के साथ
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चंडीगढ़ के महज साढ़े तीन साल के बच्चे ने बिना किसी कृत्रिम ऑक्सीजन या उपकरण के विश्व के सबसे ऊंचे वाहन योग्य उमलिंगला पास पर पहुंच कर नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। हालांकि किसी रिकॉर्ड बुक में इसको लेकर अभी इसका पंजीकरण नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों का दावा है कि उनका बच्चा इस दर्रे पर बिना किसी लाइफ सपोर्ट के पहुंचा है।
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विकीपिडिया के मुताबिक इस तरह का रिकॉर्ड इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम की सात वर्ष चार महीने की धीमहि पराटे के नाम दर्ज है, जो परिजनों के साथ 20 अगस्त 2022 की सुबह इस दर्रे पर पहुंची थी। चंडीगढ़ सेक्टर 7 निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने तीन साल नौ माह के बेटे मेहताब के साथ दो जून 2023 को चंडीगढ़ से रात 10.40 बजे श्रीनगर की यात्रा शुरू की और जोजिला पास होते हुए लेह पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने खारदुंगला, दिस्कित, नुबरा वैली और पैंगोंग लेक आदि को कवर किया और विश्व के सबसे ऊंचे वाहन योग्य उमलिंगला पास पहुंचे। प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण इस दर्रे पर इन्सान को सांस लेने में दिक्कत होती है, लेकिन मेहताब बिना किसी कृत्रिम सपोर्ट के इस दर्रे पर पहुंचा। उन्होंने दावा किया है कि मेहताब अब तक सबसे कम उम्र का ऐसा बच्चा है, जो समुद्रतल से 19024 फीट ऊंचे उमलिंगला दर्रे पर पहुंचा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड गुरुग्राम की धीमहि के नाम दर्ज है। इस तरह मेहताब ने धीमहि का रिकॉर्ड तोड़ा है। नर्सरी में पढ़ने वाले मेहताब के पिता दीपक और माता गगनदीप कौर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सेवारत हैं।