इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस एप (आईआरएडी) योजना को लागू करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। मंगलवार को इस संबंध में परिवहन विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की और योजना को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए।
इस योजना के लागू होने के बाद शहर के किस स्पॉट पर कितने हादसे हुए, कितनों की मौत हुई, कितने घायल हुए और हादसे की वजह क्या रही, इन सभी तथ्यों की जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी। कई विभाग होने से आंकड़े मिलने में समस्या न आए, इसके लिए अन्य मोबाइल एप जैसे सीसीटीएनएस, वाहन, सारथी आदि को भी आईआरएडी एप से जोड़ा जाएगा।
बैठक में कहा गया कि शहर के अधिकारियों को आईआरएडी एप से परिचित कराने के लिए जल्द ही एक प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने पुलिस, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग/राजमार्ग और परिवहन विभागों के नोडल अधिकारी के अलावा एसएसपी ट्रैफिक को इस परियोजना का समग्र नोडल अधिकारी बनाया है।
बैठक में एसएसपी ट्रैफिक, अपर सचिव परिवहन, एनआईसी राज्य समन्वयक, डीएसपी यातायात और चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और परिवहन अधिकारियों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को शुरू में तमिलनाडु में शुरू किया गया था और विभिन्न विभागों के प्रयासों से घातक सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी देखी गई है। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसे पूरे देश में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे काम करेगा आईआरएडी एप
हादसा होने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को सड़क दुर्घटना का पूरा विवरण फोटो, वीडियो, घायल, मरे व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वाहन नंबर, स्थल, हादसे का कारण एप में भरना होगा। इससे हादसे की सूचना का अलर्ट चुनिंदा विभागों के कर्मियों को मिलेगा। इसके बाद डेटा का विश्लेषण किया जाएगा। बाद में सड़क हादसे को रोकने के लिए सड़क में सुधार पर कार्य किया जाएगा।