चंडीगढ़ नगर निगम जोन एक के पार्किंग ठेकेदार ने बैंक गारंटी (सुरक्षा राशि) के 1.65 करोड़ रुपये बैंक में जमा नहीं किए थे। अब ठेका खत्म होने के बाद यह रकम फंस गई है। निगम का कहना है कि संबंधित बैंक से इसका सत्यापन कराया गया था और सत्यापन पत्र भी मिला था लेकिन बैंक का कहना है कि जो सत्यापन पत्र निगम के पास है वह फर्जी है, बैंक ने ऐसा कोई सत्यापन पत्र जारी नहीं किया है। ठेकेदार पर निगम के 7 करोड़ रुपये और बकाया हैं। फर्जीवाड़े का पता लगते ही निगम के पार्किंग विभाग के सुपरिंटेंडेंट सुनील दत्त ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को ठेका कंपनी पाश्चात्य एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम ने वर्ष 2020 में शहर की 89 पार्किंगों को दो जोन में बांटकर उन्हें ठेके पर दिया था। जोन एक की 57 पार्किंगों का ठेका पाश्चात्य एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और जोन 2 की 32 पार्किंगों का ठेका रामसुंदर कंपनी को दिया गया था। ठेका मिलने के कुछ दिन बाद ही कोरोना आ गया और लॉकडाउन लग गया। दोनों ठेकेदारों ने लाइसेंस फीस माफ करने के लिए निगम में आवेदन किया। सदन में एजेंडा लाकर उनकी लाइसेंस फीस भी माफ करवाई गई।
जोन एक के ठकेदार को हर माह 45 लाख रुपये निगम को देना था। ठकेदार ने लगभग डेढ़ साल तक रुपये निगम में जमा करवाए और उसके बाद वह लगातार फीस माफ करने के लिए पत्र लिखता रहा। इस दौरान लाइसेंस फीस, जुर्माना और दोनों का ब्याज मिलका लगभग 7 करोड़ रुपये का बकाया हो गया। 23 जनवरी 2023 को कंपनी का ठेका समाप्त हो गया। उसके बाद निगम ने बकाया वसूलने के लिए सिंडिकेट बैंक को पत्र लिखा तब बैंक की ओर से बताया गया कि उनकी ओर से बैंक गारंटी का कोई सत्यापन पत्र निगम को नहीं दिया गया है।
बैंक मैनेजर का कोड लेकिन हस्ताक्षर से किया इनकार
नगर निगम ने कंपनी की बैंक गारंटी जब्त करने के लिए सिंडिकेट बैंक को पत्र लिखा था। इस दौरान बैंक की ओर से बताया गया कि उनके यहां ऐसी कोई गारंटी जमा नहीं है। मामले में निगम ने बैंक से विस्तृत जानकारी मांगी तो पता चला कि निगम के पास जो सत्यापन पत्र है उस पर बैंक मैनेजर का कोड और अन्य जानकारियां तो सही हैं लेकिन मैनेजर के हस्ताक्षर में गड़बड़ी है। अब पुलिस जांच करेगी कि इस पूरे मामले में बैंक की ओर से लापरवाही हुई या इस निगम की कोई खामी रही। दूसरी ओर निगम का बकाया रुपये कैसे वापस आएगा यह भी बड़ा सवाल है।
जोन 2 को ही पूरा ठेका देने का एजेंडा खारिज, बैंक चलाएंगे पार्किंग
नगर निगम पिछले सदन की बैठक में जोन-2 के ठेकेदार रामसुंदर को ही पूरे शहर की पार्किंगों का ठेका देने के लिए एजेंडा लाया था लेकिन पार्षदों ने इसे नकार दिया। इस दौरान पार्षदों ने इस पूरी प्रक्रिया में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई की मांग की। अब नगर निगम तीन माह के लिए बैंकों के साथ अनुबंध कर उन्हें पार्किंगों का संचालन करेगा। इसमें कर्मचारी निगम उपलब्ध कराएगा और अन्य व्यवस्थाएं बैंक की ओर से की जाएंगी। इस नई व्यवस्था में शुल्क को लेकर अभी तय नहीं हुआ है।